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रांचीहॉर्स ट्रेडिंग मामला : पीसी एक्ट जोड़ने की अर्जी पर अब एसीबी कोर्ट करेगा सुनवाई, राज्यसभा चुनाव 2016 मामला

हिन्दुस्तान टीम,रांचीPublished By: Newswrap
Fri, 11 Jun 2021 03:02 AM
हॉर्स ट्रेडिंग मामला : पीसी एक्ट जोड़ने की अर्जी पर अब एसीबी कोर्ट करेगा सुनवाई, राज्यसभा चुनाव 2016 मामला

रांची। संवाददाता

हॉर्स ट्रेडिंग मामले में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, पूर्व एडीजी अनुराग गुप्ता और पूर्व मुख्यमंत्री के प्रेस सलाहकार अजय कुमार की मुश्किलें बढ़ती दिख रही है। केस आईओ की पीसी एक्ट जोड़ने की अर्जी पर अब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो(एसीबी) के विशेष न्यायाधीश प्रकाश झा की अदालत में सुनवाई होगी।

गुरुवार को प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंधिकारी(जेएम) अनुज कुमार की अदालत ने आरोपियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में पीसी एक्ट जोड़ने की अर्जी पर सुनवाई के लिए एसीबी कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया है। आपको बता दें कि दो जून को केस आईओ ने खरीद-फरोख्त के आरोप में दर्ज प्राथमिकी में पीसी एक्ट जोड़ने के न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में आवेदन दिया था। जिस पर कोर्ट ने सात जून को सरकार की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। गौरतलब है कि 2016 के राज्यसभा चुनाव के दौरान बड़कागांव की तत्कालीन विधायक निर्मला देवी को एक राजनीतिक दल के उम्मीदवार को वोट देने के लिए लुभाया गया। साथ ही उनके पति पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को भी धमकाया। इस घटना को लेकर 2018 में जगन्नाथपुर थाने में कांड संख्या 154/18 के तहत अनुराग गुप्ता एवं अजय कुमार के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करवायी गयी थी। जबकि पूर्व सीएम रघुवर दास अप्राथमिकी आरोपी हैं।

मुश्किलें बढ़ने का कारण :

आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13(1)(डी) लगते ही मुश्किलें बढ़ जाएगी। कारण पीसी एक्ट की धाराएं गैरजमानतीय होती है। अनुसंधान अधिकारी चाहे तो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अदालत से वारंट प्राप्त कर सकता है। साथ ही इस धारा में अधिकतम सात साल तक की कैद की सजा हो सकती है। आरोपियों को जेल जाने से बचने के लिए ऊपरी अदालत तक जाना पड़ेगा। जबकि न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत अधिकतम तीन साल की सजा दे सकती है।

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