
पुरखों की परंपराएं समाज को एकजुट करती हैं : कृषि मंत्री
इटकी के कुल्ली गांव में आदिवासी सरना समाज द्वारा 112वें हड़बोड़ी जतरा का उद्घाटन कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने किया। तीन दिवसीय महोत्सव में 32 गांव के ग्रामीण शामिल हुए। मंत्री ने युवाओं को शिक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में न्यू स्टूडेंट क्लब के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इटकी, प्रतिनिधि। प्रखंड के कुल्ली गांव में आदिवासी सरना समाज के ऐतिहासिक 112वें हड़बोड़ी जतरा का उद्घाटन गुरुवार को राज्य की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने किया। 21 पड़हा के नेतृत्व में आयोजित इस सांस्कृतिक महोत्सव में 32 गांव के ग्रामीण शामिल हुए। कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि आदिवासी समाज ने अपनी पुरखों की विरासत को संरक्षित रखा है और ऐसी परंपराएं समाज को एकजुट रखती हैं। उन्होंने युवाओं को शिक्षा और ज्ञान के माध्यम से विकास की राह पर आगे बढ़ने का संदेश दिया। वहीं किसानों से बीज, ट्रैक्टर और सोलर पंप जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का भी आह्वान किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में न्यू स्टूडेंट क्लब के सदस्यों की अहम भूमिका रही। तीन दिवसीय अनुष्ठान और महोत्सव 11 नवंबर को 21 पड़हा की अगुवाई में तीन दिनी अनुष्ठान शुरू हुआ। इस दिन मसना स्थल पर मृत व्यक्तियों के लिए अनुष्ठान पूरा किया गया और शवों के अवशेषों का पारंपरिक दाह संस्कार किया गया। 12 नवंबर को मृतकों के घर में कलश बनाकर रीति-रिवाजों के साथ क्रियाकर्म किया गया। इसके बाद ढोल-नगाड़े के साथ मिट्टी के कलश को स्थानीय जलाशय दरहा पोखरा में विसर्जित कर लोगों ने अखरा में नेग दस्तूर पूरे कर ‘छुतका’ छोड़ा। 13 नवंबर की शाम पांच बजे से विशाल हड़बोड़ी पड़हा जतरा का आयोजन हुआ, इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और अपने-अपने ‘खोड़हा’ पर देर रात तक नाच-गान किया। रात नौ बजे से शुरू हुए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकारों ने नागपुरी गीत-नृत्य की प्रस्तुति देकर रात भर मनोरंजन किया।

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