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रांचीहाईकोर्ट ने मंत्री के कोर्ट के आदेश पर लगाई रोक, शिकायतकर्ता से मांगा जवाब

हिन्दुस्तान टीम,रांचीPublished By: Newswrap
Tue, 25 May 2021 03:20 AM
हाईकोर्ट ने मंत्री के कोर्ट के आदेश पर लगाई रोक, शिकायतकर्ता से मांगा जवाब

रांची। वरीय संवाददाता

झारखंड हाईकोर्ट ने मंत्री के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें मंत्री ने पीठासीन पदाधिकारी के रूप में लगभग तीन एकड़ भूमि के हस्तांतरण को गलत बताते हुए जमीन खरीदार पर प्राथमिकी दर्ज करने के साथ हस्तांतरण को भी रद्द करने का आदेश पारित किया था। दरसल यह पूरा मामला रांची के बरियातू इलाके के बूटी मौजा के खाता संख्या 79 प्लॉट संख्या 1947, 1948 और 1949 कुल 2.90 एकड़ जमीन से जुड़ा हुआ है। इस जमीन पर दो लोगों के नाम पर जमाबंदी कायम है। इलाके के स्थानीय बताते हैं कि इस जमीन पर रातो रात बाउंड्री कर ली गई थी। इस जमीन पर कब्जा करने में कुछ बड़े लोगों की भूमिका है।

हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए मंत्री के कोर्ट द्वारा पारित आदेश विरुद्ध दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अंतरिम आदेश पारित किया है। इस मामले के शिकायतकर्ता संजय पाहन को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि बचाव पक्ष के मुताबिक उन्होंने अदालत में अपनी दलील में कहा कि मंत्री के कोर्ट द्वारा पारित आदेश पूरी तरह गलत है और यह मामला एसएआर के रूप में कई बार हाईकोर्ट की दहलीज पर भी पहुंचा था। इससे पहले भी एसएआर के दो वाद 1991 और 2002 में संजय पाहन के पिता सोमरा पाहन ने किये थे और दोनों ही मामलों में अदालत ने उनके खिलाफ फैसला सुनाया है। जिसके बाद सोमरा पाहन और उनके रिश्तेदार के द्वारा दायर एलपीए को भी अदालत ने खारिज कर दिया था। वहीं, अदालत में दलील पेश करते हुए कहा गया कि मंत्री का कोर्ट हाईकोर्ट के अधीन है।

मंत्री चंपई सोरेन की कोर्ट से दोनों पार्टियों को नोटिस भी जारी किया:

बता दें कि फरवरी में मंत्री चंपई सोरेन की कोर्ट से दोनों पार्टियों को नोटिस भी जारी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद भू-माफियाओं ने जमीन पर बाउंड्री खड़ी कर ली। जमीन पर जब बाउंड्री की जा रही थी उस वक्त फिरायालाल परिवार के द्वारा रांची डीसी और एसएसपी को ट्विटर एवं मेल के माध्यम से शिकायत की गई थी। इसके बावजूद न तो उनकी शिकायत दर्ज की गई और ना ही बाउंड्री का कार्य रोका गया।

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