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अड़की के गितिलबेड़ा में सिकल सेल रोग पर जागरूकता अभियान आयोजित

अड़की के गितिलबेड़ा में सिकल सेल रोग पर जागरूकता अभियान आयोजित

संक्षेप:

अड़की प्रखंड के गितिलबेड़ा गांव में जनजातीय गौरव वर्ष पखवाड़ा के अवसर पर सिकल सेल रोग पर जागरूकता बढ़ाने के लिए एक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विशेषज्ञों ने रोग के कारण, लक्षण, जांच और उपचार की जानकारी दी। प्रतिभागियों को सूचना पुस्तिकाएं वितरित की गईं और समुदाय में जागरूकता फैलाने का आग्रह किया गया।

Nov 13, 2025 08:29 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, रांची
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अड़की, प्रतिनिधि। अड़की प्रखंड के गितिलबेड़ा गांव में जनजातीय गौरव वर्ष पखवाड़ा के अवसर पर सिकल सेल रोग के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने को लेकर एक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मॉडल ग्रामीण स्वास्थ्य अनुसंधान इकाई (मुरहू) द्वारा खूंटी जिला स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने सिकल सेल रोग के कारण, लक्षण, जांच और उपचार की जानकारी दी। प्रतिभागियों के बीच सूचनात्मक पुस्तिकाएं और पंपलेट्स भी वितरित किए गए, ताकि वे अपने समुदाय में इस बीमारी के प्रति जागरुकता फैला सकें। मौके पर प्रोजेक्ट साइंटिस्ट डॉ स्रिजीता मित्रा और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी उषा वर्मा ने बताया कि सिकल सेल एक आनुवंशिक रोग है, जो माता-पिता से बच्चों में स्थानांतरित होता है।

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उन्होंने कहा कि समय पर जांच और उपचार से इस रोग की जटिलताओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। विशेष रूप से 40 वर्ष तक की आयु वर्ग, बच्चों और विवाह योग्य युवाओं को अपनी जांच अवश्य करानी चाहिए, ताकि बीमारी की शीघ्र पहचान और रोकथाम हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि विवाह से पहले या गर्भधारण से पूर्व दंपतियों को सिकल सेल की जांच करानी चाहिए, जिससे भावी पीढ़ी को इस रोग से बचाया जा सके। कार्यक्रम के दौरान सहिया और आंगनवाड़ी सेविकाओं को निर्देश दिया गया कि वे अपनी नियमित बैठकों में सिकल सेल रोग के प्रति समुदाय को जागरूक करें। इस अवसर पर मुरहू टीम द्वारा इस सप्ताह अड़की प्रखंड के विभिन्न इलाकों में सिकल सेल रोग पर आधारित वॉल पेंटिंग्स भी तैयार किए गए, ताकि लोग इस बीमारी के बारे में जागरूक हों और जांच के लिए प्रेरित हों। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि ऐसे अभियान ग्रामीण समुदायों में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने और सिकल सेल जैसी गंभीर आनुवंशिक बीमारी से बचाव के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। कार्यक्रम में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, बच्चे तथा सामुदायिक स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।