DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को चैंबर ऑफ कॉमर्स ने दिया जीएसटी का प्रशिक्षण

बिल्टी जारी करने वाले सभी प्रोपराइटरशीप जीएसटी के दायरे में रांची। वरीय संवाददाताजीएसटी ट्रक मालिकों पर लागू नहीं है। ये प्रावधान गुड्स ट्रांसपोर्ट एजेंसी पर है। बिल्टी जारी करने वाले सभी प्रोपराइटरशीप, पार्टनरशीप, कंपनी जीएसटी के दायरे में आयेगी। प्रावधान के अनुसार 20 लाख रुपये वार्षिक टर्नओवर से ज्यादा होने पर जीएसटी रजिस्ट्रेशन लेना पड़ेगा। इस राशि में एक्जेम्ट टर्नओवर को भी शामिल किया गया है। ये बातें चार्टर्ड एकाउंटेंट साकेत मोदी ने कही। वह एक जून को जीएसटी पर चैंबर भवन में आयोजित कार्यशाला में बोल रहे थे। इसका आयोजन चैंबर की ट्रांसपोर्ट उप समिति ने किया। इसमें ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों ने उपस्थित होकर उनके व्यापार में लग रहे जीएसटी के प्रभाव और उससे होनेवाली परेशानियों को जाना। एलके सर्राफ एंड कंपनी के पार्टनर सीए साकेत मोदी, विरेंद्र गोयल और सूरज गोयल ने संबोधित किया। विशेषज्ञों ने कहा कि यदि किसी जीटीए के प्रोपराटर या फर्म में और भी कोई कार्य/प्राप्ति ऐसी है, जिसपर एसटी/जीएसटी लगता है। ट्रांसपोर्ट रिसीप्ट और अन्य टैक्सेबल रिसीप्ट मिलाकर भी 20 लाख की लिमिट पार हो रही होने पर भी ट्रांसपोर्ट का जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रोड परमिट (ई-वेबिल) जारी करने के प्रावधान ट्रांसपोट पर भी लागू होते हैं। वर्तमान की तरह ही सभी रजिस्टर्ड व्यापारी अपना रोड परमिट टैक्स इन्वॉयस साथ देंगे। यदि माल अनरजिस्टर्ड व्यापारी का है और व्यापारी ने रोड परमिट नहीं दिया है तो आपको खुद अपना रोड परमिट लगाना होगा। जीएसटी साइट में इसका प्रावधान किया गया है। ट्रांसपोर्ट पर जीएसटी की दर पांच प्रतिशत रखी गई है। इसपर किसी भी प्रकार का इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं मिलेगा। खरीदे गए डीजल, टायर, स्पेयर पार्ट्स, सर्विस चार्ज किसी पर भी चुकाये गये जीएसटी का इनपुट टैक्स का फायदा नहीं मिलेगा। विरेंद्र ने कहा कि यदि परिवहन के दौरान ट्रक नंबर बदलना है तो ट्रांसपोर्टर को नया रोड परमिट जेनरेट करना होगा। किसी कारण से रोड परमिट रद करना पड़े तो बनाने के 24 घंटे के अंदर ही यह किया जा सकता है। जीएसटी के तहत आरएफआईडी का प्रावधान है। ऐसा लगता है कि इस उपकरण को गाड़ी पर लगाया जा सकता है, जिससे ट्रक को ट्रैक किया जा सके। जीएसटी कमिश्नर को इस संबंध में आदेश पारित करने के अधिकार दिये गये हैं। व्यापारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि लाभ-हानि खाता में लिखे गये सभी खर्चों पर रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म जीएसटी जमा कर दिया गया है। प्रतिमाह ऐसा नहीं किए जाने पर इसे ब्याज के साथ जमा करना होगा। सूरज गोयल ने कहा कि जीएसटी में मासिक रिटर्न को तीन भाग में जमा करना होगा। बिक्री की विवरणी 10 तारीख तक, खरीद की विवरणी 15 तक और अंतिम रिटर्न 20 तक जमा करना होगा। इसके अलावा वार्षिक रिटर्न भी जमा करना होगा। जीएसटी ऑडिट रिपोर्ट और रिकॉन्सीलियेशन स्टेटमेंट भी जमा करना होगा। चैंबर महासचिव रंजीत गाड़ोदिया ने कहा कि सभी ट्रांसपोर्ट व्यवसायी जीएसटी में जल्द माइग्रेशन करा लें। एक से 15 जून तक माईग्रेशन का समय है। कार्यशाला में पवन शर्मा, संजय जैन, सुनील माथुर, एसबी सिंह, सुनील चौहान, मदनलाल पारीख, एमपी सिंह, प्रभाकर सिंह, अजीत प्रसाद, सुरेश शर्मा, अभिषेक उपाध्याय, पुरूषोत्तम लाल, एसएन शर्मा, विजय बहादुर, दिनेश चौबे, एसके मोदी भी मौजूद थे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:GST is not applicable to truck owners