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पत्थलगड़ी: भ्रम फैलानेवालों पर सख्ती, ग्रामीणों से संवाद करेगी सरकार

पत्थलगड़ी: भ्रम फैलानेवालों पर सख्ती, ग्रामीणों से संवाद करेगी सरकार

राज्य सरकार पत्थलगड़ी की आड़ में भ्रम फैलाने वालों से सख्ती से निपटेगी और दूसरी तरफ ग्रामीणों से संवाद करेगी। मंगलवार को मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस मुद्दे पर बुलाई गई उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को आदेश दिया कि पत्थलगड़ी कर संविधान की गलत व्याख्या करने वालों को गिरफ्तार करें।

प्रोजेक्ट भवन में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ने खूंटी में चलाई जा रहीं विकास योजनाओं के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकास योजनाओं का लाभ गांव-गांव तक पहुंचायें और इलाके में चल रहीं सरकारी योजनाओं को तेजी से पूरा करायें। बैठक में मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी, गृह सचिव एसकेजी रहाटे, एडीजी अनुराग गुप्ता, एडीजी आरके मल्लिक, खूंटी के डीसी सूरज कुमार आदि मौजूद थे।

खूंटी में बड़ी योजनाओं का होगा ऐलान: पत्थलगड़ी विवाद से निपटने के लिए सरकार विकास योजनाओं में तेजी लाएगी। तय किया गया है कि 17 मार्च को खूंटी के पत्थलगड़ी प्रभावित इलाकों में जाकर ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा कुछ बड़ी सरकारी योजनाओं का ऐलान करेंगे।

संवाद के जरिए निपटेगा प्रशासन: मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी ने बताया कि खूंटी के अधिकारियों ने वहां की स्थिति की जानकारी दी है। विकास योजनाओं या संवैधानिक प्रावधानों के बारे में जो दुष्प्रचार किया जा रहा, उसे लेकर ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया जाएगा। उन्हें सही बात की जानकारी दी जाएगी।

मुख्य सचिव ने बताया कि खूंटी के कुछ सीमित इलाकों में विवाद हुए हैं। वहां कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन विकास योजनाओं के बैकलॉग को जल्दी खत्म करेगा। ग्राम पंचायत और ग्रामसभाओं से संवाद स्थापित कर गांवों के लिए नई योजनाएं भी बनेंगी।

सरकारी कर्मियों की भी तैयार होगी सूची

उच्चस्तरीय बैठक में यह भी फैसला किया गया कि पत्थलगड़ी को समर्थन देने वाले पारा टीचर, शिक्षक या दूसरे सरकारी कर्मचारियों की सूची बनाई जाएगी। एनजीओ की आड़ में अलगाववाद फैलाने वालों पर भी नजर रखी जायेगी। बैठक में अफीम की अवैध खेती पर भी चिंता जताई गई।

असामाजिक तत्वों पर होगी कड़ी कार्रवाई: मुख्य सचिव

मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी ने कहा कि पत्थलगड़ी की परंपरा को विवादित करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कोई यदि दुष्प्रचार करता है तो सही तथ्यों की व्याख्या प्रशासन करेगा ताकि ग्रामीणों को यह पता चल सके कि क्या सही है और क्या गलत।

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  • Web Title:Government will communicate with villagers, strictly on illusions