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कुरमी-कुड़मी को एसटी में शामिल करे सरकार, VIDEO

कुरमी-कुड़मी को एसटी में शामिल करे सरकार

कुरमी-कुड़मी विकास मोर्चा ने रविवार को मोरहाबादी मैदान में हुंकार भरी। मोर्चा ने सरकार से एक माह के अंदर कुरमी-कुड़मी अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने एवं उन्हें मिलने वाली सरकारी सुविधा और व्यवस्था का लाभ देने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर समाज ने बड़े आंदोलन के लिए चेताया। महारैली का आयोजन कुरमी-कुड़मी विकास मोर्चा की ओर से किया गया था। महारैली में राज्य भर से समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।

कुरमाली रीति रिवाज और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ हजारों की संख्या में आए लोगों ने सरकार से अपने वाजिब हक की मांग की। रैली में कहा गया कि कुरमी संवैधानिक अधिकार को लेकर सजग हैं और उन्हें अब कोई बरगला नहीं सकता है। जायज मांग की अनदेखी करने पर भविष्य में आंदोलन को और तेज करने का ऐलान मंच से नेताओं ने किया।

सुदेश ने अप्रैल में दिल्ली कूच करने का आह्वान किया: पूर्व सीएम एवं आजसू सुप्रीमो सुदेश कुमार महतो ने कहा कि कुरमी समाज राजनीतिक षडयंत्र का शिकार होता रहा है। समाज का किसी स्तर से मूल्यांकन नहीं किया गया। पिछले 87 सालों से कुरमी समाज ने अपनी मांगों को पूरा करने के लिए एकजुट होकर आंदोलन नहीं किया है।

उन्होंने मांगों को पूरा करवाने के लिए झारखंड समेत तीन पड़ोसी राज्यों के कुरमी समाज के लोगों से दिल्ली कूच करने का आह्वान किया। दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली की जाएगी। यह समाज के लिए अस्मिता की

लड़ाई है।

कुरमी-कुड़मी का रिवाज आदिवासियों से मिलता-जुलता है: महारैली को संबोधित करते हुए समाज के नेताओं ने रीति-रिवाज एवं परंपरा को आधार बताया। नेताओं ने कहा कि राज्य के कुरमी एवं कुड़मी समाज के लोगों की परम्परा एवं रीति रिवाज कुरमाली के अलावा आदिवासी समाज के समान है। महतो जाति के लोग यहां आदिवासियों के समय से ही एक साथ निवास कर रहे हैं। इसके बावजूद उनकी मांग को सरकार नजर अंदाज करती रही है। जिसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। इस मौके पर सभी ने समाज के सभी कार्यक्रम में शामिल होने एवं हक-अधिकार के लिए लड़ाई को सहयोग करने का संकल्प लिया।

समाज के ही नेता समाज को तोड़ने में जुटे: महारैली में इस बात को लेकर आक्रोश था कि समाज के ही कुछ नेता समाज को तोड़ने में जुटे हुए हैं। महारैली को विफल करने की साजिश रची गयी। मोर्चा से जुड़े कार्यकर्ताओं को परेशान किया गया। बैनर-पोस्टर फाड़ दिया गया।

विधायक, पूर्व मंत्री समेत कई लोगों ने रखे विचार

महारैली में बगोदर विधायक नागेंद्र महतो, सिल्ली विधायक अमित महतो, पूर्व मंत्री केशव महतो कमलेश, खीरू महतो, रांची विवि के रजिस्ट्रार अमर कुमार चौधरी, रामपोदो महतो, राजेंद्र महतो, ओमप्रकाश महतो, राजेश, गुणानंद महतो, रचिया महतो, राजेंद्र महतो, गौरीशंकर महतो, सखीचंद महतो, मोहन महतो, ब्रह्मदेव महतो, संजीव महतो, दीपक, जयराम, राजकुमार, संजय लाल, सागर, टिपू, रूपलाल, सुनील, माधुरी देवी, सुषमा देवी, पार्वती देवी, संजय आदि ने अपने विचार रखे।

कुरमाली रीति से पूजा की

महारैली से पूर्व मोरहाबादी मैदान में कुरमाली रीति से अखड़ा पूजा की गयी। चार सौ से अधिक कार्यकर्ता महारैली में ढ़ोल-नगाड़ा के साथ हल-जुआंठ, नटुआ, छऊ एवं पाता नृत्य नर्तक दल के साथ शामिल हुए।

इनकी रही भागीदारी

महारैली के आयोजन में मोर्चा के अध्यक्ष शीतल ओहदार, रामपोदो महतो, ओमप्रकाश महतो, रूपेश महथा, रूपलाल महतो, राजकुमार महतो, तनु महतो, अनिल महतो समेत अन्य की भागीदारी रही।

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  • Web Title:Government to include Kurmi-Kudmi in ST