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रांची

संक्रमण के आगे फेल हो गया सरकार का आकलन

हिन्दुस्तान टीम,रांचीPublished By: Newswrap
Thu, 22 Apr 2021 03:10 AM
संक्रमण के आगे फेल हो गया सरकार का आकलन

रांची। रंजन

झारखंड में संक्रमण की बढ़ती रफ्तार ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। हर दिन नए रिकार्ड बन रहे हैं। और तो और संक्रमण की रफ्तार इतनी तेज हो गयी है कि सरकार के सारे अनुमान फेल हो रहे हैं। सरकार ने 10 दिन पहले (10 अप्रैल) को अनुमान लगाया था कि राज्य भर में एक्टिव मरीजों की संख्या 14 अप्रैल को जहां बढ़कर 18770 हो जाएगी, वहीं 21 अप्रैल को यह दोगुना होकर 24000 की संख्या पार कर जाएगी। 10 अप्रैल को यह संख्या 12293 थी। लेकिन संक्रमण की बढ़ती रफ्तार ने सरकार के सारे अनुमान को धता बता दिया है। 14 अप्रैल तक का अनुमान तो सही रहा। राज्य में एक्टिव मरीजों की संख्या 18770 के करीब 18524 हो गयी। लेकिन 21 अप्रैल पहुंचने से पहले 20 अप्रैल को ही राज्य में एक्टिव मरीजों की संख्या सरकार के अनुमान से लगभग डेढ़ गुना हो गए। सरकार का अनुमान था कि 21 अप्रैल को राज्य में एक्टिव मरीजों की संख्या 24000 पार करेगी। लेकिन राज्य में एक्टिव मरीजों की संख्या 20 अप्रैल को ही 33178 पहुंच चुकी है। वहीं रांची की बात करें तो 21 अप्रैल को 11779 होने का अनुमान है। जबकि, रांची में 20 अप्रैल को ही एक्टिव मरीजों की संख्या 12394 हो गयी है।

अनुमान के अनुसार भी नहीं दूर हुई बेड की किल्लत

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के अभियान निदेशक रविशंकर शुक्ला ने अनुमान के मुताबिक मरीजों की संख्या को देखते हुए रांची समेत अन्य जिलों में बेड व अन्य संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। रांची में केवल 3334 बेड की कमी थी। इसमें से लगभग 300 बेड ही बढ़ाए जा सके हैं। इसके अलावा जामताड़ा, दुमका, लातेहार, रामगढ़, हजारीबाग, खूंटी आदि जिलों में भी वेंटिलेटर, आईसीयू व ऑक्सीजन सपोर्टेड बेडों की कमी है। अभियान निदेशक से वर्तमान स्थितियों की समीक्षा करते हुए उसकी व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। लेकिन इस दिशा में अभी तक कोई ढोस उपाय नहीं किए जा सके हैं। परिणाम है कि मरीज अस्पताल दर अस्पताल घूमते घूमते ही मर रहे हैं। उन्हें उपचार नहीं मिल रहा है। अस्पतालों के बेड वीआईपी मरीज या फिर चिकित्सकों के रिश्तेदारों को ही मिल पा रहे हैं।

सरकार ने केंद्र से मांगें थे 1500 वेंटिलेटर

स्वास्थ्य सचिव केके सोन ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की एडिशनल सेक्रेटरी वंदना गुरनानी को 12 अप्रैल को एक पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार के पास लगभग 500 वेंटिलेटर सरकारी अस्पतालों में कार्यशील है। जबकि, हर दिन लगभग 1500 एक्टिव मरीज जुड़ रहे हैं। मरीजों के वर्तमान बढ़ोतरी को देखते हुए अप्रैल के अंत तक राज्य में एक्टिव मरीजों की संख्या 33000-35000 तक हो सकती है। इसके लिए बड़ी संख्या में वेंटिलेटर की जरूरत होगी। सचिव ने कहा है कि सरकार को 5000 वेंटिलेटर की जरूरत है, लेकिन फिलहाल राज्य को 1500 और वेंटिलेटर उपलब्ध कराया जाए। लेकिन अप्रैल के अंत की बजाए 10 दिन पहले ही मरीजों की संख्या 33 हजार पार कर चुकी है। अभी तक केंद्र से वेंटिलेटर नहीं मिले हैं।

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