सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए जी-तोड़ मेहनत करें: सुदीप गुड़िया
रांची में गोस्सनर कॉलेज के मास कम्युनिकेशन विभाग द्वारा गोस्सनर सिने फेस्ट-5.0 का आयोजन किया गया। इस दौरान तमिल लघु फिल्म ‘जीवितम’ का प्रदर्शन किया गया, जो महिला पर एसिड अटैक जैसे मुद्दों को उठाता है। विधायक सुदीप गुड़िया ने सोशल मीडिया की ताकत पर जोर दिया। अन्य फिल्मों और म्यूजिक वीडियो की भी स्क्रीनिंग की गई।

रांची, विशेष संवाददाता। गोस्सनर कॉलेज के मास कम्युनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन विभाग की ओर से आयोजित गोस्सनर सिने फेस्ट-5.0 के दूसरे दिन शुक्रवार को तमिल लघु फिल्म ‘जीवितम’ का प्रदर्शन किया गया। इस फिल्म में महिला पर एसिड अटैक जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दे को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। झारखंड के फिल्म निर्माता निशाचर के नाम से जाने जानेवाले सौरव सम्राट की लघु फिल्म ‘काल शिला’ का भी प्रदर्शन किया गया। इस फिल्म का संदेश था-नरक के तीन रास्ते काम, क्रोध और लोभ हैं। दर्शकों ने फिल्म को खूब सराहा। इसके अलावा म्यूजिक वीडियो ‘ए सजनी’ की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें मास कॉम विभाग के अनल टोपनो ने अभिनय किया है।
मुख्य अतिथि तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने कहा कि सोशल मीडिया एक सशक्त माध्यम है, जो किसी को भी शून्य से शिखर तक पहुंचा सकता है और शिखर से नीचे भी ला सकता है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र सीखने और सिखाने का बेहतरीन मंच है और फिल्मों के माध्यम से अच्छी चीजों को प्रस्तुत करने पर लोग उससे जुड़ते हैं। उन्होंने झारखंड की संस्कृति और परंपराओं की सराहना करते हुए कहा कि यहां के लोग अपनी भाषा, संस्कृति और आंदोलनकारियों को भली-भांति जानते हैं। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि सपने देखें, और उन्हें पूरा करने के लिए जी-तोड़ मेहनत करें।बिशप पावल लुगुन ने कहा कि यह फेस्ट एक मंच है जिसके जरिए फिल्म निर्माओं को मंच दिया जाता है। मौके पर अमेरिका की लेखिका सह शोधकर्ता मैडम मेरी जिराड की विशेष सत्र आयोजित किया गया। वह ऑनलाइन जुड़ीं। उन्होंने झारखंड के प्रति अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और कई बार झारखंड का दौरा कर चुकी हैं और उनके पिता भी झारखंड में रहकर कार्य कर चुके हैं।मौके पर सेरेंग फिल्म टीजर की स्क्रीनिंग की गई। साथ ही, विभाग की सीरीज ‘माटी कर औषधि’ की भी स्क्रीनिंग की गई, जिसे विभाग के यूट्यूब चैनल पर मिलियन व्यूज प्राप्त हो चुके हैं। प्रो मीना सिन्हा ने बताया कि इस सीरीज की खासियत यह है कि इसे स्थानीय नागपुरी भाषा में बनाया गया है और इसमें दिखाए गए औषधीय उपाय लाभकारी हैं।
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