बोले रांची: घर में गैस नहीं दे सकते तो कतार का ही दिन बताएं

Apr 04, 2026 01:49 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, रांची
share

बोले रांची - गैस संकट से उबल पड़ा चुटिया, छह घंटे सड़क जाम रांची

बोले रांची: घर में गैस नहीं दे सकते तो कतार का ही दिन बताएं

रांची, संवाददाता। हिन्दुस्तान की ओर से चुटिया इलाके में शुक्रवार को गैस उपभोक्ताओं के बीच बोले रांची कार्यक्रम हुआ, जिसमें उपभोक्ताओं ने अपनी पीड़ा साझा की। स्थानीय लोगों का कहना था कि गैस सिलेंडर के लिए रात से ही लाइन में लगना पड़ता है, लेकिन गैस सप्लाई की गाड़ी नहीं आती। उन्होंने कहा कि कई घरों के लोग दो दिन से खाना नहीं बना पाए हैं। एजेंसी की ओर से गैस संबंधी जानकारी नहीं दी जाती है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं है। उन्होंने कहा कि गैस वितरण का शेड्यूल जारी किया जाए, ताकि हमें पता चल सके कि किस दिन गैस मिलेगी।

रांची के चुटिया क्षेत्र में गैस सिलेंडर की किल्लत के बीच इंद्रप्रस्थ गैस एजेंसी से जुड़े सैकड़ों उपभोक्ताओं का धैर्य शुक्रवार को जवाब दे गया और उन्होंने महावीर मंडा रोड के पास चुटिया-नामकुम मार्ग को जाम कर दिया। करीब छह घंटे तक जाम के कारण यातायात पूरी तरह ठप रहा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले तीन दिनों से समय देकर एजेंसी की गैस वितरण गाड़ी चुटिया क्षेत्र में नहीं पहुंची है, जबकि उपभोक्ताओं ने दस दिन पहले गैस बुकिंग करा ली थी।हिन्दुस्तान के बोले रांची कार्यक्रम में लोगों ने आरोप लगाया कि एजेंसी द्वारा न तो गैस की डोर स्टेप डिलिवरी हो रही है, न ही निर्धारित स्थान पर गैस की आपूर्ति हो रही है। चुटिया रोड, शास्त्री नगर, बेलबगान, महादेव मंडा और हटिया तालाब के आसपास रहने वाले लगभग 10 हजार उपभोक्ता इस एजेंसी पर निर्भर हैं। लगातार सप्लाई बाधित होने से लोगों के सामने खाना बनाने तक का संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि वे गुरुवार रात से ही लाइन में खड़े होकर गैस का इंतजार कर रहे थे, लेकिन शुक्रवार सुबह तक भी वितरण वाहन नहीं पहुंचा। इससे आक्रोशित होकर लोगों ने सड़क जाम कर दिया। महिलाओं और बुजुर्गों की बड़ी संख्या इस विरोध में शामिल रहीं। लोगों ने कहा कि स्थिति की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि इलाके के अधिकांश परिवार किराये के मकानों में रहते हैं, जहां चूल्हा जलाने या वैकल्पिक ईंधन के उपयोग की अनुमति नहीं होती। वहीं, कई जगहों पर इंडक्शन चूल्हे के इस्तेमाल पर भी रोक है। ऐसे में घरेलू गैस ही खाना बनाने का एकमात्र साधन है। सिलेंडर नहीं मिलने से कई घरों में खाना नहीं बना है। उपभोक्ताओं ने एजेंसी पर मनमानी और अवैध वसूली का भी आरोप लगाया। लोगों का कहना है कि गैस एजेंसी के कर्मी निर्धारित मूल्य से 30 रुपये अधिक लेकर सिलेंडर दे रहे हैं। वर्तमान में घरेलू गैस की कीमत 970 रुपये है, जिसमें डोर स्टेप डिलीवरी चार्ज शामिल है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं से अतिरिक्त पैसे वसूले जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यदि उपभोक्ता खुद गोदाम (जो चुटिया से लगभग 8 किलोमीटर दूर है) जाकर सिलेंडर लेते हैं, तब भी उनसे अधिक राशि ली जाती है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है। कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो सप्लाई व्यवस्था सुधरी और न ही अतिरिक्त वसूली पर रोक लगी। जाम की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर जाम हटाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया और यातायात बहाल कराया गया। हालांकि, लोग शाम तक महावीर मंडा मंदिर के पास ही गैस सिलेंडर का इंतजार करते रहे।तय कीमत से अधिक वसूली का आरोपइंद्रप्रस्थ गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि उनके कर्मचारी गैस सिलेंडर की तय कीमत से 30 रुपये अधिक खुलेआम वसूल रहे हैं। वर्तमान में घरेलू गैस की कीमत लगभग 970 रुपये है, जिसमें डोर स्टेप डिलीवरी चार्ज भी शामिल है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं से अतिरिक्त पैसे लिए जा रहे हैं। खास बात यह है कि जब लोग खुद एजेंसी के गोदाम (जो चुटिया से करीब 8 किलोमीटर दूर है) जाकर सिलेंडर लेते हैं, तब भी उनसे अतिरिक्त राशि ली जाती है। यह उपभोक्ताओं के साथ खुली लूट जैसा है, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है। उनसे कहा जा रहा है कि आपके लिए हम रात से ही गैस बांटने आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि इंद्रप्रस्थ गैस एजेंसी के पास लगभग 10 हजार उपभोक्ता जुड़े हुए हैं, जिनमें चुटिया रोड, शास्त्री नगर, बेलबगान, महादेव मंडा और हटिया तालाब क्षेत्र के लोग शामिल हैं। इतने बड़े उपभोक्ता आधार के बावजूद एजेंसी की व्यवस्था पर्याप्त नहीं दिख रही है। वितरण में देरी, और समुचित प्रबंधन के अभाव के कारण लोगों को समय पर गैस नहीं मिल पा रही है। वहीं कई लोग सिधे एजेंसी पहुंचकर गैल ले रहे हैं। वहां भी गैस के लिए घंटों इंतेजार करना पड़ रहा है।इंद्रप्रस्थ गैस एजेंसी से आपूर्ति ठपचुटिया क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से इंद्रप्रस्थ गैस एजेंसी की वितरण गाड़ी इलाके में नहीं पहुंची, जिससे हजारों उपभोक्ता प्रभावित हुए हैं। लोग रात से लाइन लगाकर इंतजार करते हैं, फिर भी उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। इससे रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हो रही है। लोगों ने एजेंसी पर मनमानी का आरोप लगाया।बुकिंग के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल रहाउपभोक्ताओं का कहना है कि उन्होंने समय पर गैस बुकिंग कराई, लेकिन इसके बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं मिल रहा है। डिजिटल सिस्टम और बुकिंग प्रक्रिया का उद्देश्य पारदर्शिता और सुविधा देना है, लेकिन यहां यह पूरी तरह विफल दिख रहा है। लोगों ने कहा दस दिनों से डीएससी कोड होने के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा है।वैकल्पिक ईंधन के अभाव बढ़ी परेशानीचुटिया के अधिकांश परिवार किराये के मकानों में रहते हैं, जहां मकान मालिक चूल्हा या लकड़ी जलाने की अनुमति नहीं देते। कई जगहों पर इंडक्शन चूल्हे के उपयोग पर भी रोक है, जिससे गैस सिलेंडर ही एकमात्र विकल्प बचता है। ऐसे में जब गैस उपलब्ध नहीं होती, तो परिवारों के सामने भोजन बनाने का संकट खड़ा हो जाता है।छह घंटे तक सड़क जामगैस सिलेंडर नहीं मिलने से नाराज लोगों का गुस्सा शुक्रवार को सड़क पर फूट पड़ा। महावीर मंडा रोड के पास सैकड़ों उपभोक्ताओं ने चुटिया-नामकुम मार्ग को लगभग छह घंटे तक जाम कर दिया। इस दौरान यातायात पूरी तरह ठप हो गया और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। प्रशासन और एजेंसी की लापरवाही के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। जाम के दौरान लोगों ने जल्द समाधान की मांग की। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पुलिस को मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाना पड़ासमस्याएं और सुझाव1. लगातार तीन दिनों से चुटिया में वितरण वाहन नहीं आने से हजारों उपभोक्ता प्रभावित हैं।2. समय पर बुकिंग करने के बाद भी उपभोक्ताओं को गैस नहीं मिल रही है।3. निर्धारित कीमत के ऊपर एजेंसी कर्मियों द्वारा अवैध वसूली की जा रही है।4. किराये के मकानों में चूल्हा या इंडक्शन की मनाही से संकट और गहरा गया है।5. शिकायतों के बावजूद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं1. गैस वितरण का तय शेड्यूल सार्वजनिक किया जाए और उसका पालन अनिवार्य हो।2. एजेंसी कर्मियों द्वारा अतिरिक्त पैसे लेने पर जांच और दंडात्मक कार्रवाई हो।3. उपभोक्ताओं की शिकायतों के लिए त्वरित समाधान प्रणाली लागू की जाए।4. आपात स्थिति में इंडक्शन या अन्य साधनों के उपयोग की अनुमति दी जाए।5. जिला प्रशासन नियमित रूप से गैस एजेंसियों की निगरानी करे और जवाबदेही तय करे।रात से लाइन में खड़े रहते हैं, लेकिन गैस की गाड़ी नहीं आती। दो दिन से खाना नहीं बना पाए हैं। एजेंसी की ओर से गैस संबंधी जानकारी नहीं दी जाती। प्रशासन को हमारी परेशानी समझनी चाहिए और जल्द समाधान करना चाहिए। इंद्रप्रस्थ एजेंसी कि ओर से गैस को लेकर मनमानी कि जाती है। समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा।-कविता देवीगैस एजेंसी की लापरवाही से पूरा घर अस्त-व्यस्त हो गया है। घरों में गैस नहीं पहुंचाया जा रहा है। रात से ही गैस के लिए लाइन लगाई जाती है, लेकिन गैस बांटने वाली गाड़ी नहीं आ रही। एजेंसी बुकिंग के बाद भी समय पर सिलेंडर नहीं दे रहे हैं। चुटिया क्षेत्र में पीछले तीन दिन में एक भी गैस गाड़ी नहीं आई है। बुजूर्ग लोगों को गैस कैसे मिलेगी।-राधा देवी

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।