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योगेंद्र साव के बनाए टाइगर ग्रुप में था प्रदीप, हत्या के बाद गैंगवार की पृष्टभूमि तैयार

जेजेएमपी के मुनेश्वर उरांव गिरोह के उग्रवादी प्रदीप महतो की हत्या के बाद जेजेएमपी और टीपीसी के बीच गैंगवार की नई पृष्ठभूमि तैयार हो गई है। टीपीसी उग्रवादियों के हाथों मारा गया प्रदीप महतो झारखंड टाइगर ग्रुप के सरगनाओं में से एक था। झारखंड टाइगर ग्रुप को सरकार पूर्व में ही प्रतिबंधित भी कर चुकी है। किन इलाकों में गैंगवार की आशंका रांची के खलारी, चतरा के अशोका, पिपरवार, टंडवा, रामगढ़ के उरिमारी, गिद्दी, भुरकुंडा, हजारीबाग के बड़कागांव में जेजेएमपी और टीपीसी दोनों ही उग्रवादी गिरोहों की सक्रियता है। हाल के दिनों में इस इलाके में जेजेएमपी के उग्रवादी मुनेश्वर उरांव, अनिल भुईंया की सक्रियता बढ़ी है। लेवी के लिए टीपीसी से अलग होकर ये उग्रवादी जेजेएमपी में शामिल हो गए थे। जेजेएमपी उग्रवादियों ने हाल में सीसीएल के राजधर साइडिंग, बड़काकाना में क्रेशर की साइटों, बचरा में भी फायरिंग की वारदातों को अंजाम दिया है। कौन-कौन हैं निशाने पर टीपीसी उग्रवादियों के निशाने पर जेजेएमपी के मुनेश्वर, अनिल भुईंया, बीगा पासवान, भखरा मुंडा, दीपक बेदिया, विजय महतो और अमित तुरी जैसे उग्रवादी हैं। लातेहार, लोहरदगा, पलामू, गढ़वा, गुमला, चतरा जिला के जेजेएमपी काफी सक्रिय हुआ है। हाल के दिनों में जेजेएमपी हजारीबाग जिला के बड़कागांव, केरेडारी, चतरा जिला के टंडवा, पिपरवार और लातेहार जिला के चंदवा, बालूमाथ थाना क्षेत्र में नवसृजित औद्योगिक कॉरिडोर में अपना वर्चस्व कायम करने को लेकर लगातार सक्रिय है। टीपीसी की सक्रियता भी इन इलाकों में है, ऐसे में लेवी को लेकर दोनों गिरोह आमने-सामने हैं। जेजेएमपी खनिज के उत्खनन में लगी कम्पनियों एवं परिवहन में लगे ट्रांसपोर्टरो से लेवी वसूलने का काम भी धड़ल्ले से कर रहा है। मई महीने में टीपीसी के उग्रवादी सागर, मनीष, जॉन्सन, डबलू, डोमन, सोहन की हत्या जेजेएमपी ने कर दी थी। इन उग्रवादियों की हत्या में प्रदीप महतो का हाथ था।

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  • Web Title:gangwar report