गेतलसूद डैम में बन रहा 100 मेगावाट का फ्लॉटिंग सोलर पावर प्लांट

Jan 07, 2026 09:21 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, रांची
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रांची के गेतलसूद डैम पर 100 मेगावाट क्षमता वाले फ्लॉटिंग सोलर पावर प्लांट का निर्माण 60 प्रतिशत पूरा हो चुका है। यह परियोजना मार्च से मई 2026 के बीच चालू होने की उम्मीद है, जिससे रांची की बिजली समस्या का स्थायी समाधान होगा। केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने परियोजना का निरीक्षण किया और प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया।

गेतलसूद डैम में बन रहा 100 मेगावाट का फ्लॉटिंग सोलर पावर प्लांट

अनगड़ा, प्रतिनिधि। रांची के गेतलसूद डैम पर फ्लॉटिंग सोलर पावर प्लांट का निर्माण अंतिम चरण में है। परियोजना का 60 फीसदी काम पूरा हो चुका है और उम्मीद है कि मार्च से मई 2026 के दौरान इस पावर प्लांट की बिजली रांची जिले को मिलने लगेगी। ₹437 करोड़ रुपये से तैयार हो रहे इस सोलर पावर प्लांट की क्षमता 100 मेगावाट है। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने बुधवार को परियोजना स्थल का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से इस परियोजना की जानकारी ली। निरीक्षण के समय सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सेकी) के प्रोजेक्ट मैनेजर यदु पल्लव, पूर्व विधायक रामकुमार पाहन, भाजपा जिलाध्यक्ष विनय कुमार धीरज, पूर्व जिलाध्यक्ष जैलेन्द्र कुमार, सुरेंद्र महतो, उपाध्यक्ष मनोज चौधरी सहित कई भाजपा नेता और स्थानीय प्रतिनिधि मौजूद थे।

निरीक्षण के बाद मंत्री संजय सेठ ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बनाई जा रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लाभ मार्च 2026 से रांची की जनता को मिलने लगेगा। गेतलसूद डैम पर 172 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बन रहा वाटर फ्लॉटिंग सोलर प्लांट रांची को पीएम मोदी का ऐतिहासिक उपहार है। उन्होंने लगभग पांच वर्ष पूर्व रांची में फ्लॉटिंग सोलर पावर प्लांट लगाने का प्रस्ताव भारत सरकार को दिया था, जिसे प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में स्वीकृति मिली। पावर प्लांट का 60 प्रतिशत काम पूरा केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 100 मेगावाट क्षमता वाले इस पावर प्लांट का निर्माण लगभग 60 प्रतिशत पूरा हो चुका है। मार्च से मई 2026 से यह प्लांट चालू हो जाएगा। इससे उत्पादित बिजली झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) को उपलब्ध कराई जाएगी। प्लांट के साथ इरबा ग्रिड सब ग्रिड तक संचरण लाइन से बिजली पहुंचाने के लिए इंफ्रास्टक्चर का निर्माण किया जा रहा है। रांची की बिजली की समस्या का होगा स्थायी समाधान : संजय संजय सेठ ने कहा कि यह फ्लॉटिंग पावर प्लांट सिर्फ बिजली उत्पादन का केंद्र नहीं है, बल्कि यह देश की प्रगति में रांची की भागीदारी का प्रतीक है। इसके माध्यम से रांची सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली की समस्या का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा। उन्होंने इस परियोजना के लिए प्रधानमंत्री का आभार भी प्रकट किया। 437 करोड़ की लागत से हो रहा निर्माण फ्लॉटिंग सोलर पावर प्लांट का निर्माण सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सेकी) द्वारा किया जा रहा है। इस परियोजना पर लगभग 437 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। निरीक्षण के दौरान सुनील महतो, जगेश्वर महतो, हिमांशु शेखर चौधरी, रामनाथ महतो, सिकंदर अंसारी, घनेनाथ महतो, शंकर बैठा आदि मौजूद थे।

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