आग से सुरक्षा के लिए स्कूल से अस्पताल तक को गाइडलाइन जारी
रांची में अग्निशामक सेवा सप्ताह की शुरुआत हुई है। यह 14 से 20 अप्रैल तक चलेगा और इसका थीम 'सुरक्षित विद्यालय, सुरक्षित अस्पताल' है। इस दौरान स्कूलों और अस्पतालों के लिए अग्नि सुरक्षा के दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। आम लोगों को अग्निकांड से बचने के लिए सुझाव दिए गए हैं।

रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। अग्निशमन सेवा सप्ताह की शुरुआत मंगलवार से हो गई। गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवा के डीजी एमएस भाटिया ने बताया कि 14 से 20 अप्रैल तक अग्निशमन सप्ताह को ‘सुरक्षित विद्यालय, सुरक्षित अस्पताल एवं अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक समाज आग की रक्षा के लिए एक साथ’ का थीम रखा गया है। इसके तहत आग की घटनाएं रोकने के साथ-साथ स्कूल, अस्पताल के लिए गाइडलाइंस भी जारी की गई हैं। वहीं, आम लोगों से भी अग्निकांड से बचने के लिए अपील करते हुए कई सुझाव दिए गए हैं। स्कूलों के लिए कैसी हो सुरक्षा- स्कूल की हर मंजिल, लैब, रसोई के पास पर्याप्त संख्या में अग्निशमन यंत्र होने चाहिए।
इसका नियमित निरीक्षण एवं सर्विसिंग जरूरी है।- धुंए या आग का पता चलते ही फौरन फायर अलार्म बजना चाहिए।- साल में दो बार मॉक ड्रिल हो। छात्रों, कर्मियों को पता हो कि आपात स्थिति से शांत रहकर बाहर कैसे निकलें। स्कूल से बाहर निकलने के मार्ग बाधा मुक्त होने चाहिए।- स्कूल व शिक्षण संस्थानों में स्वचालित स्प्रिंकलर सिस्टम की व्यवस्था होनी चाहिए।- स्कूल तक पहुंचने के लिए चौड़ी सड़क होनी चाहिए ताकि अग्निशमन वाहन वहां तक पहुंच सकें।- बिजली के पैनल की नियमित जांच हो ताकि शार्ट सर्किट से बचा जा सके। आकाशीय बिजली से बचने के लिए तड़ित चालक भी लगे होने चाहिए।- प्रयोगशालाओं में रसायनों एवं ज्वलनशील पदार्थों को सुरक्षित स्टोर करके रखा जाए।अस्पतालों में क्या हो व्यवस्था- अस्पताल या स्वास्थ्य संस्थान भवन तक अग्निशमन वाहन की पहुंच हो साथ ही रेस्क्यू वाहनों को खड़ी करने के लिए 12 मीटर चौड़ी ठोस एवं खुली समतल जगह हो।- हर फ्लोर एवं संवेदनशील कोनो में आग बुझाने के यंत्र लगें हो, समय पर इसकी एक्सपायरी भी जांचे।- आपातकालिन निकास के रास्तों में भी भी बेड, स्ट्रेचर या कचरा न रखें। इसे बाधा मुक्त रखें।- स्टाफ व नर्सों के बीच नियमित मॉक ड्रिल कराएं ताकि उन्हें पता हो कि आग लगने की स्थिति में कैसे मरीजों को आग से बचाया जा सके।- बिजली के पैनल, एमआरआई, एक्स रे मशीनों की भी नियमित जांच करें। ऑक्सीजन सिलिंडर या अन्य ज्वलनशील चीजों के सुरक्षित व ठंडी जगह पर रखें।- इमरजेंसी रिस्पांस प्लान लिखित रूप से तैयार करें। सुरक्षा कर्मियों व स्टाफ को अग्निशमन यंत्र के प्रयोग की जानकारी दें।
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