
रनिया में जंगली हाथियों ने दर्जनों किसानों के खेती को रौंदा
रनिया के किसान इन दिनों दोहरी मार झेल रहे हैं। अतिवृष्टि के कारण धान की फसल में रोग लग गया है, वहीं जंगली हाथियों ने फसलों को बर्बाद कर दिया है। किसानों ने कर्ज लेकर खेती की थी, लेकिन अब भविष्य...
रनिया, प्रतिनिधि। रनिया थाना क्षेत्र के किसान इन दिनों दोहरी मार झेल रहे हैं। एक ओर लगातार दो से ढाई महीने तक हुई अतिवृष्टि के कारण धान की फसल में रोग लगने लगा है, वहीं दूसरी ओर जंगली हाथियों का आतंक किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहा है। इससे किसान गहरी चिंता और आर्थिक संकट में पड़ गए हैं। इसी क्रम में रविवार की रात को तीन बच्चों सहित दस जंगली हाथियों का दल थाना क्षेत्र के बोंगतेल गांव में घुस आया। हाथियों ने दर्जनों किसानों के खेतों में लगी धान और अन्य फसलों को रौंदकर बर्बाद कर दिया। अचानक हुए इस हमले से किसानों के चेहरे पर निराशा और चिंता की लकीरें साफ झलकने लगीं।
स्थानीय किसानों ने बताया कि उन्होंने खेती-किसानी के लिए महिला समूहों से कर्ज लेकर बीज, खाद और अन्य सामग्री खरीदी थी। लेकिन अब फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाने से उनका भविष्य अंधकारमय हो गया है। किसान कह रहे हैं कि पूंजी भी डूब गई और परिवार चलाने का सहारा भी छिन गया। वन विभाग पर ग्रामीणों ने लगाया लापरवाही का आरोप: ग्रामीणों ने हाथियों को खदेड़ने के लिए काफी मशक्कत की और अंततः उन्हें जंगल की ओर भगाने में सफल रहे। उन्होंने कहा कि इसकी सूचना वन विभाग को दे दी गई है, लेकिन विभाग की ओर से अब तक न तो मुआवजा मिला है और न ही कोई ठोस सहयोग। किसानों का आरोप है कि विभाग इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा है। सरकार और विभाग से किसानों ने लगाई गुहार: ग्रामीणों ने सरकार और वन विभाग से आग्रह किया है कि वे इस संकट को गंभीरता से लें और मुआवजा तथा ठोस समाधान की व्यवस्था करें। किसानों का कहना है कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो क्षेत्र में खेती किसानी पूरी तरह चौपट हो जाएगी और किसान कर्ज में डूबकर बेहाल हो जाएंगे।

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