इटकी में बिचौलिए को धान बेचने के लिए मजबूर हैं किसान
इटकी में धान की खरीदारी शुरू नहीं होने से किसान अपनी फसल बिचौलिए को कम दाम पर बेचने को मजबूर हैं। इस साल धान की बंपर फसल हुई है, लेकिन सरकार ने अब तक खरीद का निर्देश नहीं दिया है। किसान सरकारी मूल्य से चार से पांच रुपये प्रति किलो कम दाम पर बेच रहे हैं, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है।

इटकी, प्रतिनिधि। प्रखंड के लैंपस में धान की खरीदारी शुरू नहीं होने से किसान अपनी उपज बिचौलिए को औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर हैं। इस साल धान की बंपर फसल हुई है, परंतु सरकार और संबंधित विभाग की ओर से अब तक खरीद का निर्देश जारी नहीं किया गया है, इससे प्रखंड के क्रय केंद्रों पर ताला लटका हुआ है। ज्ञात हो कि प्रखंड के किसानों ने लगभग 1,801.42 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर धान की फसल लगाई थी। क्षेत्र में लगभग 90 प्रतिशत धान की कटाई और मिसाई का काम पूरा हो चुका है। लेकिन सरकारी स्तर पर खरीदारी शुरू नहीं होने से किसान अपनी उपज सरकारी मानक मूल्य से चार से पांच रुपये प्रति किलो कम दाम पर बिचौलिए को बेचने के लिए मजबूर हैं।
किसानों ने कहा कि यदि समय रहते क्रय केंद्रों में धान की खरीदारी शुरू नहीं की गई तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। सरकार द्वारा अभी तक धान खरीद का मूल्य निर्धारित नहीं किया गया है और न ही विभाग से खरीद शुरू करने का कोई निर्देश प्राप्त हुआ है। प्रखंड में मात्र एक कुरगी लैंपस भवन में धान खरीदारी की व्यवस्था उपलब्ध है। विभाग द्वारा निर्देश मिलते ही केंद्रों में धान खरीदारी की शुरुआत कर दी जाएगी। -हेमंत एक्का, कृषि पदाधिकारी

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




