DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   झारखंड  ›  रांची  ›  पाबंदियों के साथ सभी कारोबार की छूट मिले

रांचीपाबंदियों के साथ सभी कारोबार की छूट मिले

हिन्दुस्तान टीम,रांचीPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 03:30 AM
पाबंदियों के साथ सभी कारोबार की छूट मिले

रांची। संवाददाता

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण की रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने 22 अप्रैल से 29 अप्रैल तक स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह की घोषणा की थी, जिसे बढ़ाते हुए तीन जून तक कर दिया गया था। कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम होने के बाद अब राज्य सरकार अनलॉक-1 शुरू करने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्विटर के जरिए लोगों से अनलॉक-1 शुरू करने पर राय मांगी है। इस संबंध में हिन्दुस्तान ने विभिन्न वर्गों के लोगों से व्हाट्सएप संवाद के जरिए विचार जाना।

लोगों ने कहा कि आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए अब व्यवसाय आदि के लिए छूट मिलनी चाहिए। हालांकि लोगों ने इस बात पर भी जोर दिया कि एकाएक सरकार को पूरी छूट नहीं देनी चाहिए। इससे हालात बेकाबू होने का खतरा बना रहेगा। जरूरी सेवाओं के साथ व्यवसाय और कार्यालयीय कार्यों के लिए कुछ प्रोटोकॉल के साथ छूट मिलनी चाहिए। जिम और सैलून खोलने की मांग युवावर्ग ने की। युवा वर्ग का तर्क है कि जिम में ज्यादा भीड़ नहीं होती है। वहां सुरक्षा मानकों का ख्याल रखा जा सकता है। वहीं सैलून में काम करनेवालों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गयी है। काम शुरू करेंगे तो घर खर्च निकल पाएगा। व्यवसायी वर्ग का मानना है कि लॉकडाउन की वजह से पिछले साल भी बिजनेस में लाखों-करोड़ों का नुकसान हुआ है। इस साल भी यही स्थिति है। व्यवसायी बैंक के कर्जदार हो रहे हैं। व्यवसाय के लिए कुछ प्रोटोकॉल के साथ छूट की मांग व्यवसायी वर्ग ने की।

रोटेशन नीति लागू हो

शिक्षा से जुड़े लोगों का मानना है कि स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से हो रही है। अनावश्यक बच्चों को बुलाकर संक्रमण का खतरा मोल नहीं लेना चाहिए। ऑफिस के कार्य और रिजल्ट आदि को लेकर काम प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए ऑफिस कार्य के लिए रोटेशन नीति के साथ काम करने की छूट मिलनी चाहिए। 30 से 40 प्रतिशत स्टाफ के साथ ही कार्यालय खुलने चाहिए। शिक्षकों ने कहा कि कुछ दिन में यदि स्थिति और अच्छी होती है तो कॉलेजों की परीक्षाएं ऑफलाइन ली जा सकती हैं। कोचिंग संस्थानों से जुड़े शिक्षकों ने भी रोटेशन के साथ कक्षाएं संचालित करने के लिए छूट देने की मांग सरकार से की।

क्या कहते हैं लोग

1. सरकार को कुछ नियमों के साथ हर वर्ग के लोगों के लिए काम करने की छूट मिलनी चाहिए। बहुत से व्यवसायी इस लॉकडाउन में बर्बाद हो गए हैं। लाखों-करोड़ों की पूंजी लगाकार बैंक को कर्ज भर रहे हैं। पिछला पूरा साल भी इसी तरह बर्बाद हुआ था। सरकार को अनलॉक वन में नियमों के साथ छूट देनी ही चाहिए। - सुधांशु कुमार, युवा व्यवसायी

2. बच्चों की शिक्षा से लेकर घर खर्च का बजट सब इस लॉकडाउन में खराब हुआ है। बच्चों की पढ़ाई के लिए मोबाइल के खर्च से लेकर स्कूल फीस सब बढ़ गयी है। सभी की सुरक्षा जरूरी है, लेकिन साथ ही आर्थिक परिस्थिति को भी ध्यान में रखना चाहिए। आर्थिक स्थिति को पटरी पर लाना होगा। - अंजना कुमारी, गृहणी

3. आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए बाजारों और लोगों को काम में लौटने के लिए कुछ प्रोटोकॉल के साथ छूट मिलनी चाहिए। स्कूल, कॉलेज में पढ़न-पाठन ऑनलाइन माध्यम से ठीक ढंग से हो रहा है। स्कूलों व कॉलेजों में अनावश्यक भीड़ लगाने की जरूरत नहीं है। ऑफिशियल कार्यों के लिए कार्यालय आदि खोले जाने चाहिए। - डॉ पंपा सेन विश्वास, शिक्षिका

4. स्कूल-कॉलेजों तबतक नहीं खुलें, जबतक छात्रों को वैक्सीन न मिल जाए। जिम और सैलून वाले काफी प्रभावित हुए हैं। सरकार को इन्हें व्यवसाय शुरू करने की छूट देनी चाहिए। अन्य व्यवसाय के लिए विशेष गाइडलाइन और समय निर्धारित किया जाना चाहिए, ताकि धीरे-धीरे स्थिति में सुधार आए। अनावश्यक भीड़ न हो, पुलिस प्रशासन को यह देखना चाहिए। - इंद्रजीत सिंह, छात्र नेता

5. हमलोग पूरी तरह से बर्बाब हो गए हैं। लंबे समय तक लॉकडाउन ने कमर तोड़ दी है। दो वक्त के भोजन पर भी आफत आ गयी है। पिछले साल लॉकडाउन के बाद दुकानें खुली थीं, तो स्थिति सामान्य होने में काफी समय लग गया था। फिर से वही स्थिति आ गयी है। जल्द दुकानें खुले ताकि स्थिति पटरी पर आ सके। - रिंकु ठाकुर, पार्लर संचालक

6. मुख्यमंत्री से निवेदन है कि बंद पड़े तमाम व्यवसाय को भी दूसरे व्यवसाय की तरह सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए खोलने की छूट दी जाए। एक सीमित और निश्चित समय तय करके व्यवसाय शुरू हो, ऐसी व्यवस्था की जा सकती है। साथ ही अनावश्य भीड़ न हो जाए, इसलिए लॉकडाउन को पूरी तरह से खत्म नहीं किया जाना चाहिए। -दिलीप सिंह, व्यवसायी

7. कपड़ा, रेडिमेड समेत बंद पड़े सभी व्यापार को दो श्रेणियों में बांटकर अलग-अलग तीन दिन खोलने की अनुमति दी जाए और समय दो घंटे बढ़ाकर सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे कर दिया जाए। इससे जरूरतमंद ग्राहकों को सहूलियत होगी और प्रतिष्ठानों के मालिक एवं कर्मचारियों की भी आर्थिक दिक्कत कुछ हद तक कम होगी। - नरेश पपनेजा, कपड़ा व्यवसायी

8. शिक्षा और शिक्षक भी कोरोना के कारण प्रभावित हुए हैं। अनलॉक वन में उच्च शिक्षा को कुछ मानकों के साथ शुरू किया जाना चाहिए। इससे कर्मचारियों को सैलरी आदि देने में सहुलियत होगी। साथ ही पढ़न-पाठन में भी राहत होगी। कॉलेजों में ऑफिशियल कार्यों के लिए रोटेशन नीति के तहत कर्मचारियों को बुलाया जा सकता है। - जीतेंद्र प्रसाद, शिक्षण संस्थान संचालक

संबंधित खबरें