Ranchi News: सदर की इमरजेंसी में बेड कम, मरीजों का टेबल-कुर्सी पर इलाज
Ranchi News: रांची, वरीय संवाददाता। सदर अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच बेड की कमी बड़ी समस्या बन गई है। सामान्य दिनों में करीब 30 मरीज पहुंचते हैं, जबकि यहां महज 20 बेड की व्यवस्था है। गंभीर मरीजों को भी बेड के लिए इंतजार करना पड़ता है। आपातकालीन सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए इमरजेंसी की क्षमता बढ़ाना जरूरी है।

Ranchi News: रांची, वरीय संवाददाता। सदर अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच बेड की कमी बड़ी समस्या बन गई है। इमरजेंसी में सामान्य दिनों में भी करीब 30 मरीज पहुंचते हैं, जबकि यहां महज 20 बेड की व्यवस्था है। ऐसे में कई बार बेड खाली नहीं होने पर मरीजों का इलाज टेबल-कुर्सी पर बैठाकर करना पड़ता है। गंभीर मरीजों को भी बेड के लिए इंतजार करना पड़ता है। इमरजेंसी में दिन-रात मरीजों की भीड़ लगी रहती है। रात के समय मरीजों की संख्या और बढ़ जाती है। बेड उपलब्ध नहीं होने पर मरीजों को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत इलाज दिया जाता है। कई बार कुर्सी पर बैठाकर ही स्लाइन चढ़ानी पड़ती है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी होती है。
इमरजेंसी में चुनौती
इमरजेंसी में तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, चोट, सड़क दुर्घटना, अचानक तबीयत बिगड़ने और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज पहुंचते हैं। इनमें कई मरीजों को तत्काल ऑक्सीजन, स्लाइन, दवा और चिकित्सकीय निगरानी की जरूरत होती है। सीमित बेड के कारण स्वास्थ्यकर्मियों को उपलब्ध संसाधनों में ही मरीजों का प्रबंधन करना पड़ रहा है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इमरजेंसी में अतिरिक्त बेड और पर्याप्त जगह की जरूरत महसूस की जा रही है। इससे गंभीर मरीजों को समय पर इलाज देने के साथ स्वास्थ्यकर्मियों के लिए भी मरीजों की निगरानी आसान होगी।
बेड वृद्धि की आवश्यकता
मरीजों के लिए बढ़ाए जाएं बेड
मरीजों और परिजनों का कहना है कि सदर अस्पताल में इमरजेंसी की क्षमता बढ़ाने की जरूरत है। मौजूदा 15 बेड की क्षमता मरीजों की संख्या के लिहाज से पर्याप्त नहीं है। खासकर रात के समय और छुट्टी के दिनों में मरीजों की संख्या बढ़ने से समस्या और गंभीर हो जाती है। ऐसे में इमरजेंसी में अतिरिक्त बेड की व्यवस्था होने से मरीजों को राहत मिल सकती है। अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके बावजूद सीमित बेड और जगह के कारण इलाज की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। मरीजों की सुविधा और आपातकालीन सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए इमरजेंसी की क्षमता बढ़ाना जरूरी है।


