
सोसोकुटी टोला-बारुलताअड़की में सोलर जलमीनार महीनों से बंद, ग्रामीण परेशान
अड़की प्रखंड में पेयजल संकट गंभीर हो गया है। ग्रामीणों ने जल स्वच्छता प्रमंडल खूंटी को समाधान के लिए आवेदन देने का निर्णय लिया। सोलर जलमीनार खराब होने से बच्चों को 300 मीटर दूर कुएं से पानी लाना पड़ रहा है। गंदा पानी पीने से कई लोग बीमार हो गए हैं। ग्रामीण अब एकजुट होकर कार्रवाई के लिए तैयार हैं।
अड़की, प्रतिनिधि। अड़की प्रखंड में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। अत्यंत पिछड़ा क्षेत्र होने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। गर्मी के दिनों में पानी की किल्लत आम बात थी, लेकिन अब मौसम से पहले ही हालात गंभीर हो गए हैं। विभागीय उदासीनता के कारण ग्रामीणों को साफ पेयजल के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। इसी समस्या को लेकर शुक्रवार को अड़की प्रखंड के सोसोकुटी टोला, बारुलता में ग्रामीणों की बैठक हुई। बैठक में सर्वसम्मति से जल स्वच्छता प्रमंडल खूंटी को आवेदन देकर त्वरित समाधान की मांग करने का निर्णय लिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि घर-घर नल जल योजना के तहत बना सोलर जलमीनार महीनों से खराब पड़ा है, जिससे गांव के स्कूल के बच्चों को खाना बनाने के लिए 300 मीटर दूर स्थित कुएं से पानी लाना पड़ता है। इससे बच्चों के फिसलकर गिरने की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि मजबूरी में उन्हें और उनके परिवारों को कुएं और डाड़ी का गंदा पानी पीना पड़ रहा है। इसके कारण कई लोग बीमार भी हो गए हैं। स्थिति लगातार बिगड़ रही है और जलमीनार की मरम्मत नहीं होने पर और लोगों के बीमार पड़ने की आशंका है। ग्रामीणों ने कहा कि समस्या की सूचना कई बार संबंधित विभाग को दी गई है, लेकिन अब तक किसी अधिकारी ने संज्ञान नहीं लिया है। विभागीय उपेक्षा से नाराज ग्रामीण अब एकजुट होकर समाधान की दिशा में कदम उठाने को मजबूर हो गए हैं। बैठक में बडडी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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