डॉ. विश्वासी एक्का को मिला प्रथम डॉ. रोज केरकेट्टा साहित्य सम्मान
रांची में डॉ. विश्वासी एक्का को पहले डॉ. रोज केरकेट्टा साहित्य सम्मान से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उनकी प्रसिद्ध कृति 'कोठी भर धान' के लिए दिया गया। समारोह में साहित्यकारों ने उनके लेखन और आदिवासी मुद्दों पर विचार साझा किए। फाउंडेशन ने आदिवासी महिलाओं की सशक्त उपस्थिति को रेखांकित करने का प्रयास किया।

रांची, वरीय संवाददाता। छत्तीसगढ़ की साहित्यकार डॉ. विश्वासी एक्का को सोमवार को प्रथम डॉ. रोज केरकेट्टा साहित्य सम्मान से नवाजा गया। मोरहाबादी स्थित डॉ. रामदयाल मुंडा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान में प्यारा केरकेट्टा फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक गरिमामयी समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। डॉ. एक्का को यह पुरस्कार उनकी चर्चित कृति ‘कोठी भर धान’ के लिए दिया गया। सम्मान के रूप में उन्हें शॉल, प्रशस्ति पत्र और 25 हजार रुपये की सम्मान राशि भेंट की गई। कार्यक्रम में साहित्यकार पार्वती तिर्की ने डॉ. एक्का के लेखन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी कृति में टोटेम, आदिवासी जीवन दर्शन और आदिवासी व गैर-आदिवासी विचारधाराओं के बीच के टकराव को गहराई से उकेरा गया है।
विशेष रूप से इस वैचारिक संघर्ष में पिसती स्त्रियों के मुद्दों को उन्होंने विस्तार से सामने रखा है। मुख्य अतिथि साहित्यकार वाल्टर भेंगरा ने भी अपने विचार साझा किए। वहीं, सोनल प्रभरंजन टेटे ने इस अवार्ड को शुरू करने के उद्देश्यों पर जानकारी दी। फाउंडेशन की अध्यक्ष ग्लोरिया सोरेंग ने अपने संबोधन में कहा कि यह सम्मान केवल डॉ. रोज केरकेट्टा को याद करने की औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह साहित्य, कला और चेतना के क्षेत्र में आदिवासी महिलाओं की सशक्त उपस्थिति को रेखांकित करने का एक प्रयास है। सचिव वंदना टेटे ने लेखकों की कृतियों को पढ़ने की संस्कृति विकसित करने पर जोर दिया। समारोह के दौरान अश्विनी पंकज द्वारा डॉ. रोज केरकेट्टा के जीवन पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। संचालन माधुरी किड़ो ने किया।
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