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31 मई, 2020|4:58|IST

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खुलासा: झारखंड के इस प्रतिष्ठित अस्पताल में डॉक्टर और दवा दुकानदारों की सांठ गांठ, 2500 रुपए में मिलती है 448 रुपये की दवा

Rims

रिम्स में डॉक्टर और दवा दुकानदारों की सांठ गांठ में मरीज पिस रहे हैं। हर विभाग की यही कहानी है, लेकिन बानगी रविवार को यूरोलॉजी विभाग में देखने को मिली। यूरोलॉजी में भर्ती मरीज रामनाथ मेहता की सास कांती कुंवर ने बताया कि डॉक्टर ने शनिवार को मरीज का ऑपरेशन किया था। ऑपरेशन से पहले एक लिस्ट दी और बताया कि सभी सामान बालाजी मेडिकल से लाना है। लगभग छह हजार से अधिक का सामान लाकर ऑपरेशन थिएटर में दे दिया। उसके बाद फिर शनिवार को एक सामान चार पीस (धागा) भी बालाजी मेडिकल से मंगाया गया।

कांती ने बताया कि पहले का बचा सात सामान वापस और नया सामान लेने उसने पति विनय मेहता बालाजी मेडिकल गए। वहां दुकानदार ने लौटाने वाले सामान की कीमत लगभग 2250 रुपए लगाई जबकि, नये की कीमत 2500 रुपए बताया। विनय सामान लेकर यूरोलॉजी में आए, तो कांती ने देखा कि दुकानदार ने जिस सामान की कीमत 2500 रुपए लगाई है वह मात्र 448 रुपये की है। दोबारा दुकान में हिसाब के बाद दुकानदार ने 500 रुपए लौटा दिए और बोला इतना ही लौटाना है।

विभाग की स्थिति यह है कि यहां रिम्स प्रबंधन द्वारा मरीजों के लिए जो सामान उपलब्ध कराए गए हैं, वह भी मरीजों को मुफ्त न देकर बाहर से खरीदकर मंगाए जाते हैं।

सूत्रों ने बताया कि विभाग में ड्रेन पाइप व यूरिन बैग भरे पड़े हैं, लेकिन मरीजों के लिए ये बाहर की दुकान से खरीदकर मंगाए जाते हैं। कुछ डॉक्टर ही दुकानों में दवा भी उपलब्ध कराते हैं और उसकी बिक्री भी करवाते हैं। उनकी लिखी दवा उसी दुकान में मिलती है। मेहता इकलौता ऐसे मरीज नहीं हैं, जिनके परिजन विभाग के डॉक्टर व दुकानदार की सांठ-गांठ से परेशान हैं। एक अन्य मरीज रामनाथ मेहता की पत्नी रोली देवी ने बताया कि उसने ऑपरेशन के लिए 15000 रुपए कर्ज लिए हैं। 10 हजार से अधिक रुपए खर्च हो चुके हैं।

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  • Web Title:Doctors and shopkeepers looting patients in Rims