सांसदों ने भारत के महापंजीयक को कुरमाली की जगह कुड़माली करने का सौंपा ज्ञापन
झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के सांसदों ने नई दिल्ली में जनगणना आयुक्त से मुलाकात कर कुड़माली भाषा को भाषाओं की सूची में शामिल करने की मांग की। सांसदों ने बताया कि कुड़माली कुड़मी समुदाय की मातृ भाषा...

रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के सांसदों ने बुधवार को नई दिल्ली में भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण से मिलकर भाषाओं की सूची में कुरमाली को संशोधित कर कुड़माली करने की मांग की। मिलने वालों में गिरिडीह के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी, जमशेदपुर सांसद विद्युत वरण महतो, पुरुलिया के सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो, ओडिशा की राज्यसभा सांसद ममता महंथा और गोमिया के पूर्व विधायक डॉ लंबोदर महतो शामिल थे। मुलाकात के दौरान इनलोगों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा। जनगणना आयुक्त को इस बात से अवगत कराया गया कि कुड़माली कुड़मी समुदाय की मातृ भाषा है और झारखंड, पश्चिम बंगाल व ओडिशा में कुड़माली भाषा बोलने वालों की संख्या बहुतायत में है।
यह भाषा असम में भी बोली जाती है। जनगणना में इस भाषा का कॉलम रखने से इस भाषा का सही डाटा मिलेगा और इसका संरक्षण भी होगा। इससे संवर्धन व विकास भी होगा। कुड़माली भाषा का अपना व्याकरण है, जो काफी समृद्ध है। इससे सबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध है। जनगणना आयुक्त ने सकारात्मक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। सांसदों तथा पूर्व विधायक ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वेलोग इससे संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए उपलब्ध रहेंगे।
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