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खूंटी के दानिश अंसारी बने तीरंदाजी के राष्ट्रीय कोच

खूंटी के दानिश अंसारी का चयन भारतीय खेल प्राधिकरण के कोच के रूप में हुआ है। उनके इस उपलब्धि पर उनके परिवार के अलावा पूरे जिलेवासियों और खेलप्रेमों...

खूंटी के दानिश अंसारी बने तीरंदाजी के राष्ट्रीय कोच
हिन्दुस्तान टीम,रांचीMon, 17 Jun 2024 02:00 AM
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खूंटी, संवाददाता।
खूंटी के दानिश अंसारी का चयन भारतीय खेल प्राधिकरण के कोच के रूप में हुआ है। उनके इस उपलब्धि पर उनके परिवार के अलावा पूरे जिलेवासियों और खेलप्रेमों में हर्ष का माहौल है। उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

दानिश का चयन न केवल एक उत्कृष्ट खिलाड़ी की शौर्यगाथा का प्रतीक है, बल्कि यह भी एक उदाहरण है कि प्रतिभा को कोई भी सीमा नहीं रोक सकती। दानिश अंसारी ने अपने जीवन में कई कठिनाईयों का सामना करते हुए ऊंचाइयों तक पहुंचा है। दानिश अपने परिवार में सरकारी नौकरी पाने वाले पहले व्यक्ति बने। वर्तमान में पोस्टिंग हजारीबाग स्थित पदमा एसटीसी में हुआ है।

दानिश का जीवन संघर्ष से भरा है। एक मध्यमवर्गीय साधारण परिवार में जन्में उनके पिताजी का देहांत उनके बचपन में ही हो गया था। इसके बावजूद, उन्होंने अपने जीवन को उज्ज्वल बनाने का संकल्प किया और अपने सपनों की पूर्ति के लिए मेहनत और समर्पण ेक साथ काम करते रहे।

तीरंदाजी के क्षेत्र में दानिश का सफर स्थानीय डीएवी स्कूल के साई तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने राष्ट्रीय और यूनिवर्सिटी स्तर पर मेडल जीते और अपनी प्रतिभा को साबित किया। लेकिन आर्थिक संघर्ष के कारण उन्हें बतौर एक खिलाड़ी तीरंदाजी को छोड़ना पड़ा। फिर उन्होंने वर्ष 2022 में राष्ट्रीय खेल अकादमी(एनआईएस) से कोच की ट्रेनिंग हासिल किए। इसके बाद भी सफर आसान नहीं था। ट्रेनिग देने के लिए एक उचित प्लेटफार्म न मिलना भी एक चुनौती थी। फिर स्थानीय नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय विद्यालय में विद्यालय प्रबंधन के सहयोग से अपने एक साथी के साथ वहां के गरीब और अनाथ बच्चों को ट्रेनिंग देना शुरू किया। वहां के भी कई बच्चों के राज्य स्तर पर पदक जीते और राष्ट्रीय पटल पर राज्य का प्रतिनिधित्व किए।

अपने सपनों को पूरा करने के लिए मजबूर होने के बावजूद, दानिश ने कभी अपनी मेहनत और उत्साह को हार नहीं माना। उनके इस सफर में भाई बहनों का पूरा साथ मिला।

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