कश्मीरी युवाओं ने सीखा धुस्का बनाना, साझा संस्कृति का दिखा संगम
रांची में आयोजित कश्मीरी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के 132 युवाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन राज्य निदेशक और आईएचएम के प्राचार्य ने किया। कश्मीरी युवाओं ने झारखंडी लोकनृत्य प्रस्तुत किया और पारंपरिक व्यंजन बनाना सीखा। इस कार्यक्रम ने दोनों क्षेत्रों की संस्कृति को समझने का अवसर प्रदान किया।

रांची, विशेष संवाददाता। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के मेरा भारत युवा केंद्र द्वारा आयोजित कश्मीरी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को आईएचएम रांची में विशेष सत्र हुआ। इसमें जम्मू-कश्मीर के छह जिलों से आए 132 युवाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन राज्य निदेशक ललिता और आईएचएम के प्राचार्य डॉ. भूपेश कुमार ने किया। इस दौरान कश्मीरी युवाओं का स्वागत झारखंडी लोकनृत्य झूमर और छऊ से किया गया, जिसके जवाब में कश्मीरी युवाओं ने भी पारंपरिक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। सांस्कृतिक मिलन के इस अवसर पर प्रशिक्षण पाकशाला में शेफ रजनीश कुमार सिंह के नेतृत्व में कश्मीरी युवाओं ने झारखंड के प्रसिद्ध व्यंजन-धुस्का, डुबकी, डुम्बू और चावल की चाय बनाना सीखा।
वहीं, कश्मीरी युवाओं ने भी अपनी पारंपरिक कहवा, कुम्भ यखनी और सूजी फिरनी तैयार कर साझा सौहार्द का परिचय दिया। प्राचार्य डॉ. भूपेश कुमार ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से दोनों क्षेत्रों की संस्कृति और खान-पान को समझने का मौका मिलता है। संस्थान के वरिष्ठ व्याख्याता रवि कुमार ने पाक-पर्यटन के माध्यम से रोजगार सृजन पर जानकारी दी, वहीं विनीत सिन्हा ने आतिथ्य क्षेत्र में करियर की संभावनाओं से युवाओं को अवगत कराया। कार्यक्रम में जिला समन्वयक रोशन कुमार सहित बोकारो, धनबाद और लातेहार के प्रतिनिधि व संस्थान के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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