
सीयूजे में संवाद मंच तत्वबोघ की स्थापना
रांची के केंद्रीय विश्वविद्यालय, झारखंड ने 'तत्वबोध' संवाद मंच की स्थापना की। डॉ आलोक कुमार गुप्ता ने इसे भारतीय ज्ञान परंपरा और नई शिक्षा नीति को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण कदम बताया। इस मंच पर...
रांची। केंद्रीय विश्वविद्यालय, झारखंड (सीयूजे) के राजनीतिक विज्ञान और लोकप्रशासन विभाग, सामाजिक विज्ञान संकाय के माध्यम से संवाद मंच- तत्वबोध, की स्थापना शनिवार को की गई। इसकी शुरुआत करते हुए सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन डॉ आलोक कुमार गुप्ता ने कहा कि यह पहल भारतीय ज्ञान परंपरा और नई शिक्षा नीति को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल के तहत विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को एक महत्वपूर्ण मंच मिलेगा, जिसमें वे सम-सामयिक मुद्दों पर गहन चिंतन-मनन कर सकेंगे। डॉ गुप्ता ने कहा कि भारत में शास्त्रार्थ की परंपरा रही है। जिसके माध्यम से अंतिम सत्य की खोज होती है।
तत्वबोध उसी दिशा में किया गया सार्थक प्रयास है, जिसमें विद्यार्थी भारतीय परंपरा के अनुरूप हर विषय की गूढता पर विमर्श करते हुए ज्ञानार्जन का अवसर मिलेगा। इसमें विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण की भी सहभागिता होगी। तत्वबोध के समन्वयक डॉ शशांक कुलकर्णी ने कहा कि यह मंच विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अपने विचार साझा करने का मंच प्रदान करेगा। इसके माध्यम से भारतीय संविधान में लिखे गए मूल्यों को नागरिक अपने जीवन में कैसे लाए, इसके लिए विशेष प्रयास किया जाएगा। व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण यह तत्वबोध का मूल उद्देश है। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली में तत्वबोध के माध्यम से वैचारिक प्रबोधन के लिए इस मंच की स्थापना की गई है। डॉ संजय कुमार अग्रवाल ने इस मंच के प्रथम वक्ता के तौर पर कहा कि हमें अपने विचार में भारतीयता को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। इसलिए तत्वबोध एक सशक्त मंच बन सकता है। विश्वविद्यालय के आसपास के नागरिकों को भी इस मंच से जोड़कर लाभ पहुंचाया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन छात्र आदित्य व छात्रा पिंकी कुमारी ने किया।

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