
कोर्ट ने जुर्माने के साथ सरेंडर की बढ़ाई समय-सीमा
रांची में न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा ने धोखाधड़ी के आरोपी दुर्गेश तिवारी को अंतिम अवसर देते हुए सरेंडर की समयसीमा बढ़ा दी है। अदालत ने उन्हें 1,500 रुपये झारखंड जुवेनाइल जस्टिस फंड में जमा करने का निर्देश दिया। आरोपी पर जमीन खरीदने के लिए पैसे नहीं लौटाने का आरोप है।
रांची, संवाददाता। न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा नबंर-एक की अदालत ने अग्रिम जमानत आदेश का पालन न कर पाने पर धोखाधड़ी मामले के आरोपी दुर्गेश तिवारी को अंतिम अवसर प्रदान करते हुए सरेंडर की समयसीमा बढ़ी दी है। अदालत ने सरेंडर की अवधि बढ़ाते हुए आरोपी को 1,500 रुपए झारखंड जुवेनाइल जस्टिस फंड में जमा करने का निर्देश दिया। याचिकाकर्ता को अदालत ने 5 अगस्त 2025 को अग्रिम जमानत की सुविधा प्रदान की थी। आदेश के अनुसार, उन्हें दो सप्ताह के भीतर निचली अदालत में सरेंडर करना था, लेकिन किसी कारणवश निर्धारित अवधि में अदालत में उपस्थित नहीं हो सका। इसके बाद आरोपी की ओर से पुन: समय अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर याचिका दाखिल की थी।

उस पर आरोप है कि पीड़िता अंकु कुमारी ने एक मई 2023 को जमीन खरीदने के लिए आरोपी से समझौता किया था और उसके पिता ने 14.25 लाख रुपये तथा रजिस्ट्री के लिए 50 हजार रुपये अग्रिम दे दिए थे। बाद में जमीन को लेकर विवाद उत्पन्न होने पर आरोपी ने एक माह के भीतर पूरा पैसा लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन यह राशि वापस नहीं दी गई। आवेदन में कहा गया है कि 2025 में सिर्फ 8.72 लाख रुपये लौटाए गए, जबकि शेष 6.25 लाख रुपये अभी भी बकाया हैं।

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