विक्की भालोटिया की दूसरी बार जमानत खारिज
750 करोड़ से अधिक का फर्जी जीएसटी घोटाला, अदालत ने 21 मई को आदेश सुरक्षित रख लिया था

रांची, संवाददाता। 750 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) और मनी लाउंड्रिंग मामले में आरोपी अमित अग्रवाल उर्फ विक्की भालोटिया(41) को अदालत से राहत नहीं मिली। पीएमएलए के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। आरोपी 8 मई 2025 से न्यायिक हिरासत में है। आरोपी जमशेदपुर के राम टेकरी रोड, जुगसलाई वार्ड संख्या-11 निवासी है। अदालत ने जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी होने के बाद 21 मई को आदेश सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने दूसरी बार जमानत देने से इनकार किया है। पहली बार 19 जून 2025 को जमानत याचिका खारिज हुई थी।
ईडी के अनुसार झारखंड, पश्चिम बंगाल, दिल्ली समेत कई राज्यों में 135 शेल कंपनियों का नेटवर्क बनाकर फर्जी जीएसटी बिल जारी किए गए। इन फर्जी चालानों के जरिए करीब 750 करोड़ रुपये का अवैध आईटीसी पास किया गया, जिससे सरकार को भारी राजस्व नुकसान हुआ। जांच में सामने आया कि विक्की भालोटिया इस सिंडिकेट का सक्रिय सदस्य था और कई फर्जी कंपनियों का निदेशक भी रहा। ईडी ने अदालत को बताया कि आरोपी के बैंक खातों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन मिले हैं और फर्जी कंपनियों के माध्यम से अपराध की राशि को वैध दिखाने की कोशिश की गई। अदालत ने मामले की गंभीरता, साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका और लंबित जांच को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।
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