भाजपा नेता जीतराम मुंडा हत्याकांड के सभी 7 आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी
रांची में भाजपा नेता जीतराम मुंडा हत्याकांड के पांच साल पुराने मामले में मुख्य साजिशकर्ता मनोज मुंडा समेत सात आरोपियों को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। अपर न्यायायुक्त आनंद प्रकाश ने यह फैसला सुनाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया गया था।

रांची, संवाददाता। बहुचर्चित भाजपा नेता जीतराम मुंडा हत्याकांड के करीब पांच साल पुराने मामले में ट्रायल फेस कर रहे मुख्य साजिशकर्ता मनोज मुंडा समेत सात आरोपियों को अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। अपर न्यायायुक्त आनंद प्रकाश की अदालत ने गुरुवार को फैसला सुनाते हुए आरोपियों को बरी किया। इस मामले में आरोपी मनोज मुंडा, डब्ल्यू यादव, कार्तिक मुंडा, रतन बेदिया, बलराम साहू उर्फ डेविड, अमन सिंह और राजीव सिंह ट्रायल का सामना कर रहा था। फैसले के समय आरोपी मनोज मुंडा को घाटशिला जेल से तथा डेविड उर्फ बलराम साहू को गुमला जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में प्रस्तुत किया गया।
वहीं, अन्य पांच आरोपी सशरीर कोर्ट में मौजूद था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया था। इस केस में फरार चल रहे आरोपी मनोज मुंडा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था। गिरफ्तारी के दबाव के बीच मनोज मुंडा कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा था, जहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। घटना के बाद भाजपा के कई बड़े नेता मौके पर पहुंचे थे और मामले को लेकर व्यापक राजनीतिक हलचल मची थी। इस फैसले के बाद मामले के जांच अधिकारी पर जांच में कोताही बरतने की लापरवाही सामने आ रही है।
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