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देश को पढ़े-लिखे युवा नेताओं की जरूरत : बन्ना गुप्ता

आड्रे हाउस का नजारा आम दिनों से अलग था। गुरुवार को यहां विधानसभा का सेट लगा था, इसमें युवा विधायक राज्य के विकास के लिए मंथन कर रहे...

देश को पढ़े-लिखे युवा नेताओं की जरूरत : बन्ना गुप्ता
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,रांचीFri, 12 Mar 2021 03:03 AM

रांची। संवाददाता

आड्रे हाउस का नजारा आम दिनों से अलग था। गुरुवार को यहां विधानसभा का सेट लगा था, इसमें युवा विधायक राज्य के विकास के लिए मंथन कर रहे थे। पक्ष-विपक्ष के आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चला। मौका था मिशन ब्लू फाउंडेशन की ओर से आयोजित युवा संसद 2.0 का। चार दिवसीय युवा संसद का उद्घाटन स्वास्थ मंत्री बन्ना गुप्ता, डॉ संजय कुमार, डॉ सुमित अग्रवाल, कमांडर विक्रांत मल्हान, बॉलीवुड एक्टर राजेश जैस और मिशन ब्लू फाउंडेशन के निदेशक पंकज सोनी ने संयुक्त रूप से किया।

बन्ना गुप्ता ने कहा कि लोकतंत्र सबसे बड़ी ताकत है, इसका सही उपयोग होना चाहिए। यह देश युवाओं का है। इसके विकास के लिए पढ़े-लिखे युवाओं को राजनीति में आने की जरूरत है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन से जुड़े किस्से युवाओं से साझा किए और कहा कि समर्पण जरूरी है। 100 में से 90 काम ताकत से नहीं विवेक से करना होता है। युवाओं में इसकी समझ होनी चाहिए।

पंचायती राज के निदेशक आदित्य रंजन ने कहा कि इस देश में युवाओं की भूमिका अहम रही है। हम चाहते हैं कि आगे भी युवा देश का नेतृत्व करें। देश राशन कार्ड और पेंशन से नहीं चलता है। अगर चलना होता तो 80 वर्ष काफी है इसके लिए। उन्होंने युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए अच्छी किताबें पढ़ने, बुरी संगत से बचने और किसी के कही-सुनी की बातों से बचने की सलाह दी।

11 हजार में 90 का चयन:

युवा संसद के लिए 11 हजार युवाओं ने पूरे राज्य से रजिस्ट्रेशन कराया था। इसमें कई प्रक्रियाओं के बाद 90 का चयन किया गया। इसमें झारकंड विधानसभा की तर्ज पर 81 विधायक और नौ सदस्य सदन की कार्यवाही के लिए चुने गए। मिशन ब्लू फाउंडेशन के निदेशक पंकज सोनी ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं को संसद की कार्रप्रणाली के बारे में बताना है। मुख्यमंत्री की भूमिका गिरिडीह की सुजाता भारती का चयन हुआ।

दो बिल पर होगी चर्चा:

अगले तीन दिनों तक युवा संसद में दो बिल सामाजिक सुरक्षा और मानव तस्करी पर चर्चा होगी। प्रश्नकाल, शून्यकाल सहित पूरी तरह से विधानसभा की तर्ज पर सदन चलेगा। विधानसभा की कार्यवाही राज्यपाल के भाषण से शुरू हुई। राज्यपाल के रूप में कमांडर विक्रांत मल्हान मौजूद थे। उन्होंने युवा विधायक प्रतिभागियों को दोनों बिल के बारे में जानकारी दी। उन्होंने संसदीय भाषा के प्रयोग करने की सलाह विधायकों को दी। सत्र के पहले पहले दिन ऋषभ दीक्षित ने सदन के प्रोटोकॉल्स से प्रतिभागियों को अवगत कराया।

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