देश की सरकार नरेंद्र मोदी के या डोनाल्ड ट्रंप के हाथों में : कांग्रेस
रांची में कांग्रेस के सचिव प्रणव झा ने केंद्र सरकार पर अमेरिकी ट्रेड डील के जरिए भारत के लिए नुकसानदायक समझौतों का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह डील भारतीय किसानों को प्रभावित करेगी और देश की अर्थव्यवस्था को अराजकता में धकेल रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने इसे देश की संप्रभुता से खिलवाड़ बताया।

रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रणव झा ने कहा कि देश की सरकार किसके हाथ में है नरेंद्र मोदी या डोनाल्ड ट्रंप के हाथों में। देश विषम परिस्थितियों से गुजर रहा है। देश में जो हो रहा है, वह रहस्यमय तरीके से हो रहा है। आम लोगों को कुछ पता नहीं चल रहा। केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में किए गए यूएस ट्रेड डील के संदर्भ में कांग्रेस भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में प्रणब झा ने कहा कि यूएस ट्रेड डील अमेरिकी हित में जबरदस्त डील है, इसमें भारत के लिए नुकसान है। एपस्टिन फाइल में मोदी सरकार के मंत्री का नाम आना और अमेरिका में उद्योगपति गौतम अडानी पर कसते शिकंजे के दबाव में यह डील संभव हो सका और सरकर इंडिया छह गुना टैरिफ बढ़ने की खुशी मना रही है।
उन्होंने कहा कि 2025 में अमेरिका को हमारा निर्यात 86 बिलियन डॉलर और आयात 46 बिलियन डॉलर था, 40 बिलियन ट्रेड सरप्लस था, अब अमेरिका से 100 बिलियन डॉलर का अतिरिक्त सामान खरीदना है सरप्लस ट्रेड डेफिसिट ट्रेड में बदल जाएगा। चीन के साथ पहले ही 116 बिलियन का व्यापार घाटा है। कृषि क्षेत्र को भी अमेरिकी किसानों के लिए खोल दिया गया है। अमेरिकी किसानों को 64 लाख रुपए सब्सिडी प्रति वर्ष मिलती है, जबकि भारतीय किसानों को मुश्किल से ₹12000 प्रतिवर्ष। उन्होंने कहा कि कपास किसानों के लिए यह ट्रेड डील तबाही की तरह है। अमेरिका ने हमारे टेक्सटाइल और कपड़ों पर 18 प्रतिशत और बांग्लादेश पर जीरो प्रतिशत टैरिफ लगाया है। अगर बांग्लादेश, अमेरिका का कपास खरीदेगा तो उस कपड़े पर जीरो प्रतिशत टैरिफ लगेगा। भारत से एक्सपोर्ट होने वाले कुल कपास का 75 प्रतिशत बांग्लादेश खरीदता है। अब यही कपास जीरो प्रतिशत टैरिफ पर बांग्लादेश अमेरिका से खरीदेगा। सीधा भारत के कपास किसानों के लिए तबाही का डील है। ट्रेड डील में देश की संप्रभुता के साथ खिलवाड़ : कमलेश प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि इस ट्रेड डील में देश की संप्रभुता और स्वतंत्रता के साथ खिलवाड़ किया गया है। मोदी सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को भयानक अराजकता में धकेलने वाले समझौते किए हैं। 2014 के पहले मैन्यूफैक्चरिंग जीडीपी का 17 प्रतिशत तक हुआ करता था, जो अब घटकर 12.50 प्रतिशत रह गया है। सरकार का मेक इन इंडिया कार्यक्रम इंपोर्ट फ्रॉम एब्रॉड बनकर रह जाएगा। संवाददाता सम्मेलन में रविंद्र सिंह, राकेश सिन्हा, सतीश पॉल मुंजनी, सोनाल शांति, रियाजुल अंसारी भी उपस्थित थे।
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