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नशा और अवसाद से जूझ रहे युवाओं के लिए ‘गीता’ समाधान का मार्ग: डॉ कश्यप

नशा और अवसाद से जूझ रहे युवाओं के लिए ‘गीता’ समाधान का मार्ग: डॉ कश्यप

संक्षेप:

रांची में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में गीता सप्ताह का समापन हुआ। समारोह में गीता वाचन और क्विज प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि डॉ दीपचंद राम कश्यप ने बताया कि गीता युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है, जबकि अन्य वक्ताओं ने गीता के ज्ञान और मूल्य पर प्रकाश डाला।

Dec 05, 2025 06:53 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, रांची
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रांची, विशेष संवाददाता। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) के संस्कृत विभाग में आयोजित गीता सप्ताह का समापन शुक्रवार को हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संस्कृत भारती के प्रांत उपाध्यक्ष डॉ दीपचंद राम कश्यप उपस्थित थे। मौके पर गीता वाचन प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को स्मृतिचिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। गीता वचन प्रतियोगिता के कनिष्ठ वर्ग में गौरव कुमार मिश्र प्रथम, प्राची दुबे द्वितीय और प्रज्ञा भारती को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। जबकि, गीतावाचन में ही वरिष्ठ वर्ग में सर्वोत्तम कुमारी को प्रथम स्थान, शिवम नारायण को द्वितीय स्थान और मोनिका टोप्पो, को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।

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गीता से संबंधित क्विज प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्रतिमा कुमारी और समूह, द्वितीय स्थान चंदन कुमार और समूह व तृतीय स्थान सुरेंद्र महतो और समूह को प्राप्त हुआ। डॉ दीपचंद्र राम कश्यप ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम निश्चित रूप से युवाओं में नई प्रेरणा उल्लास, उमंग और स्फूर्ति उत्पन्न करते हैं। गीता जयंती का यह आयोजन नई पीढ़ी के लिए वरदान साबित होगा। उन्होंने कहा कि आज जब युवा नशे, अवसाद और विभिन्न प्रकार की नकारात्मक उलझनों से जूझ रहे हैं तब गीता उनके लिए सबसे बड़ा पथ प्रदर्शक साबित होगी। भगवद्गीता में ज्ञान, भक्ति और कर्म योग का सुंदर मिश्रण है, जो मनुष्य के सभी मानसिक गुणों के अनुरूप है। विशिष्ट अतिथि और मारवाड़ी कॉलेज के संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ राहुल कुमार ने कहा कि भगवद्गीता आध्यात्मिक ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक जीवन जीने, अच्छे कर्म करने और चरित्र को निखारने का शास्त्र है। डीएसपीएमयू के रजिस्ट्रार सह संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ धनंजय वासुदेव द्विवेदी ने कहा कि गीता हर शंका का समाधान करती है, पुनर्जन्म के चक्र से मुक्ति का मार्ग दिखाती है। संचालन डॉ जगदंबा प्रसाद ने किया। मौके पर डॉ श्रीमित्रा सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित थे।