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झारखंड में धान घोटाले के 48 मामलों की जांच करेगा सीआईडी

प्राथमिक कृषि सहकारी साख समिति(पैक्स) के जरिए धान खरीद के करोड़ों के घोटाले में 22 जिलों में 48 मामले दर्ज हैं। इस बात का खुलासा जिलों के एसपी के द्वारा सीआईडी और पुलिस मुख्यालय को भेजी गई स्टेटस रिपोर्ट से हुआ है। दो जिलों सिमडेगा और धनबाद ने मुख्यालय को धान खरीद घोटाले में दर्ज एफआईआर व स्टेटस रिपोर्ट अभी नहीं भेजी है।

पुलिस मुख्यालय के आदेश पर अब इन सारे कांडों में नए सिरे से सीआईडी अनुसंधान होना है। सीआईडी जल्द ही जिलों में दर्ज कांडों के टेकओवर की कार्रवाई अब शुरू करेगा।

17 मई के अंक में हिन्दुस्तान ने धान खरीद में घोटाले से जुड़ी खबर प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशित होने के बाद तत्कालीन डीजीपी डीके पांडेय ने सभी जिलों से स्टेटस रिपोर्ट मांगकर सीआईडी जांच कराने का आदेश दिया था। डीजीपी के आदेश के बाद जिलों के एसपी ने स्टेटस रिपोर्ट तैयार कर सीआईडी को भेजा है। पाकुड़ के लिट्टीपाड़ा में ही दर्ज कांड में हाईकोर्ट ने गड़बड़ी पकड़ी थी। हाईकोर्ट ने मामले में सख्त टिप्पणी की थी। इसके बाद मामला खुलता चला गया। अब 22 जिलों में 48 मामले दर्ज होने की बात सामने आयी है।

क्या है मामला : राज्य में पैक्स के जरिए धान खरीद में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। लिट्टीपाड़ा थाना में दर्ज कांड संख्या 39/17 में आरोपी बाहुल मंडल ने जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने गड़बड़ी पकड़ी। हाईकोर्ट ने इस मामले में टिप्पणी करते हुए कहा है कि धान खरीद घोटाले में सरकारी फंड का बड़ा दुरुपयोग हुआ, बावजूद इसके पुलिस ने सिर्फ आईपीसी की धारा 406, 420 में एफआईआर दर्ज की। अनुसंधानकर्ताओं ने सही से अनसंधान नहीं किया और न ही जांच में कांड से जुड़े जरूरी तथ्य ही जमा किए गए।

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  • Web Title:CID insvstigate 48 cases of paddy scame