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13 अगस्त, 2020|12:00|IST

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रिम्स में 28 को प्लाज्मा थेरेपी का शुभारंभ करेंगे मुख्यमंत्री

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राज्य में कोरोना से संक्रमित मरीजों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने राज्य में कोरोना के कहर को रोकने के लिए सीपीटी (कन्वलसेंट प्लाज्मा थेरेपी) की शुरुआत करने जा रही है। इसकी शुरुआत रिम्स में की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने रिम्स निदेशक को पत्र लिखकर सूचित किया है कि रिम्स में सीपीटी (कन्वलसेंट प्लाज्मा थेरेपी) की शुरुआत 28 जुलाई को की जाएगी। इसका शुभारंभ खुद मुख्यमंत्री करेंगे। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली जाए। रिम्स अधीक्षक डॉ विवेक कश्यप ने कहा कि सीपीटी (कन्वलसेंट प्लाज्मा थेरेपी) की शुरुआत दिल्ली में कोरोना मरीजों के लिए की गई है। जिसे देखते हुए रिम्स में भी इसकी शुरुआत की जा रही है। उन्होंने बताया कि यह माना जा रहा है कि कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों का प्लाज्मा लेकर संक्रमित मरीजों में चढ़ाने से एंटीबॉडी जल्द विकसित होता है। जिससे वह जल्द ठीक होते हैं। रिम्स में अभी न किट पहुंचा नही रीएजेंटरिम्स में सरकार 28 जुलाई को प्लाज्मा थेरेपी की शुरुआत करने जा रही है। लेकिन इसको लेकर अभी रिम्स में तैयारी पूरी नहीं हुई है। प्लज्मा थेरेपी के लिए जरूरी मशीनें तो तीन-तीन है, लेकिन अभी न तो इसके लिए किट है न ही रीएजेंट ही है। यही नहीं, मशीन का इस थेरेपी के लिए उपयोग करने को लेकर पहले उसमें इसका सॉफ्टवेयर डलवाना होगा। जो अभी नहीं हुआ है। प्लाज्मा थेरेपी के लिए प्लाज्मा डोनेट करने वाले डोनर की पहचान कर उसकी जांच एवं जिसे प्लाज्मा देना होगा उसके साथ डोनर का भी कंसेंट लेना जरूरी है। साथ ही प्लाज्मा वैसे डोनर से ही लिया जा सकता है, जो सिमटोमेटिक मरीज रह चुका हो साथ ही कोरोना के संक्रमण से मुक्त होने के बाद 28 दिनों तक उसे न तो कोई लक्षण उभरे हों न ही उसे कोई परेशानी हुई है। वैसे डोनर की जांच कर पहले उसके शरीर में विकसित हुए एंटीबॉडी की भी जांच की जाएगी।

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  • Web Title:Chief Minister will launch plasma therapy on 28th in RIMS