
जर्जर रास्ते से होकर लोवादाग पंचायत सचिवालय जाते हैं लोग
सिल्ली प्रखंड के लोवादाग पंचायत भवन की समस्याओं के चलते ग्रामीणों को विकास योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। पंचायत भवन तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं है, जिससे लोग कीचड़ भरे रास्तों से गुजरते हैं। पंचायत सेवक और जनप्रतिनिधि नियमित नहीं आते, जिससे समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता।
सिल्ली, प्रतिनिधि। प्रखंड के पंचायत सचिवालयों से विकास की योजनाएं पंचायत के सुदूर गांव तक जाती है। लेकिन जब पंचायत भवन ही समस्याओं से घिरा हो तो गांव में विकास कैसे संभव है। सिल्ली प्रखंड के लोवादाग पंचायत भवन समस्याओं से घिरा हुआ है। यहां ग्रामीणों के पहुंचने के लिए सड़क तक नहीं है। ऊबड़-खाबड़ एवं कीचड़ पानी से सने रास्तों से लोग पंचायत भवन पहुंचते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सेवक भी पंचायत भवन नियमित नहीं पहुंचते हैं। मुखिया सहित जन प्रतिनिधि भी पंचायत भवन नियमित नहीं आते है। इसलिए ग्रामीणों के समस्याओं का समुचित समाधान नहीं हो पाता है।

पंचायत भवन का बीएसएनएल की संचार व्यवस्था भी ठप है। लेकिन फिर भी एक मात्र सीएससी सेंटर ही है जो नियमित चलता है। वहीं लोवादाग पंचायत क्षेत्र में प्रखंड के प्रमुख जितेंद्र बड़ाइक ने बताया कि पंचायत भवन तक गांव की ओर से एवं एनएच की ओर से भी पहुंचने के लिए मैने अपने फंड से सड़क निर्माण की योजना की स्वीकृति दे दी है। फंड के अभाव में काम शुरू नहीं हो रहा है। जैसे ही फंड आयेगा। पंचायत भवन आने जाने का रास्ता सुगम हो जाएगा। कोट--- पंचायत भवन नहीं आने का ग्रामीणों का आरोप गलत है। मैं मंगलवार और शुक्रवार प्रखंड दिवस के दिन छोड़कर प्रतिदिन पंचायत भवन आता हूं। जनप्रतिनिधि भी कभी कभार आते हैं। पंचायत में कोई भी समस्या नहीं है। -अजम्बर सिंह मुंडा, पंचायत सेवक।

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