सामूहिक प्रयास से सीयूजे को मिली नई पहचान: कुलपति
रांची में केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड ने अपना 18वां स्थापना दिवस मनाया। समारोह में मुख्य अतिथि डॉ. अरुण कुमार उरांव ने विश्वविद्यालय के विकास की सराहना की। प्रो. सारंग मेढ़ेकर ने नैक से ए प्लस ग्रेड की प्राप्ति को मील का पत्थर बताया। सांस्कृतिक संध्या में सितार वादन से सभी मंत्रमुग्ध हो गए।

रांची, विशेष संवाददाता। केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड (सीयूजे) ने सोमवार को अपना 18वां स्थापना दिवस मनाया। मनातु परिसर में आयोजित समारोह में पूर्व आईपीएस अधिकारी डॉ. अरुण कुमार उरांव मुख्य अतिथि थे, अध्यक्षता कार्यवाहक कुलपति प्रो. सारंग मेढ़ेकर ने की। स्थापना से अब तक के विकास क्रम पर आधारित प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम का आगाज हुआ। प्रो. सारंग मेढ़ेकर ने विश्वविद्यालय की 18 वर्षों की यात्रा को रेखांकित करते हुए कहा कि सीयूजे ने हर कठिनाई को अवसर में बदला है। उन्होंने नैक नैक से ए प्लस ग्रेड की प्राप्ति को मील का पत्थर बताते हुए कहा, यह उपलब्धि हमारी गुणवत्ता, पारदर्शिता और उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण का प्रमाण है।
आज हमारे शिक्षक और शोधार्थी समाज निर्माण में सक्रिय योगदान दे रहे हैं। मुख्य अतिथि डॉ. अरुण कुमार उरांव ने विश्वविद्यालय के विस्तार पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि ब्रांबे के अस्थायी कैंपस से मनातु के इस सुसज्जित परिसर तक का सफर सपनों के साकार होने जैसा है। उन्होंने शिक्षण संस्थानों की सामाजिक भूमिका पर बल देते हुए कहा कि एक मजबूत विश्वविद्यालय ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाता है। समारोह में विश्वविद्यालय की नींव रखने वाले सभी पूर्व कुलपतियों के योगदान को भी सादर याद किया गया। सितार की तान पर झूमा परिसर समारोह के समापन सत्र में स्पीक मैके के सहयोग से सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ। कलाकार सुप्रतीक सेनगुप्ता और प्राण गोपाल बंधोपाध्याय के मंत्रमुग्ध कर देने वाले सितार वादन से पूरा सभागार गूंज उठा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे।
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