बदलेगा सीयूजे का चेहरा, 5 साल का क्वालिटी रोडमैप तैयार
केंद्रीय विश्वविद्यालय, झारखंड (सीयूजे) की आईक्यूएसी की दूसरी बैठक कुलपति सारंग मेढेकर की अध्यक्षता में हुई। बैठक में शैक्षणिक, अनुसंधान व प्रशासनिक गुणवत्ता तंत्र को मजबूत बनाने और विकास रणनीति पर चर्चा की गई। हितधारकों ने विश्वविद्यालय में गुणवत्ता संस्कृति को सुदृढ़ करने का संकल्प लिया।

रांची, विशेष संवाददाता। केंद्रीय विश्वविद्यालय, झारखंड (सीयूजे) के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) की दूसरी बैठक कुलपति सारंग मेढेकर की अध्यक्षता में बुधवार को हुई। बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, अनुसंधान व प्रशासनिक गुणवत्ता तंत्र को मजबूत बनाने और भविष्य उन्मुख विकास रणनीति तैयार करने पर चर्चा की गई। बैठक में विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों, संकाय सदस्यों, आईक्यूएसी सदस्यों और बाहरी विशेषज्ञों ने भाग लिया। आईक्यूएसी निदेशक टीके बसंतिया ने बैठक के प्रमुख एजेंडा बिंदुओं को प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय की बदलती शैक्षणिक और प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप आईक्यूएसी के पुनर्गठन एवं कार्यप्रणाली पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पुनर्गठित निकाय शिक्षण, अनुसंधान, विस्तार गतिविधियों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में गुणवत्ता मानकों को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगा。
बैठक की प्रगति रिपोर्ट
प्रो बसंतिया ने पिछले तीन महीनों के दौरान आईक्यूएसी की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की। इसमें शैक्षणिक विकास, अनुसंधान प्रोत्साहन, छात्र सहायता सेवाओं व डिजिटल प्रशासन के क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख किया गया।
कुलपति की सराहना
कुलपति प्रो सारंग मेढेकर ने विश्वविद्यालय में सेमिनार, कार्यशाला, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम और छात्र-केंद्रित गतिविधियों के आयोजन को लेकर किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। बैठक में आगामी पांच वर्षों के लिए विश्वविद्यालय की गुणवत्ता उन्नयन योजनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ।
हितधारकों के सुझाव
हितधारक प्रतिनिधि व होटल ग्रीन होराइजन के निदेशक चंद्रकांत रायपत ने विश्वविद्यालय को शैक्षणिक उत्कृष्टता और नवाचार का केंद्र बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। वहीं, सीसीएल के प्रतिनिधि अखिलेश उपाध्याय ने सतत विकास गतिविधियों, छात्र सहायता सेवाओं में सुधार और संकाय सदस्यों की अनुसंधान उत्पादकता बढ़ाने पर बल दिया।
विशेष जोर
बैठक में अंतर्विषयी अनुसंधान को बढ़ावा देने, आधारभूत संरचना सुदृढ़ करने, उद्योग-अकादमिक सहयोग बढ़ाने, अंतरराष्ट्रीयकरण को प्रोत्साहित करने तथा तकनीक आधारित शिक्षण प्रणाली को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
साझा किए गए विचार
कुलसचिव के कोसला राव एवं कार्यपरिषद सदस्य अजय सिंह ने भी अपने विचार साझा किए। वहीं, नैक अध्यक्ष केबी पांडा ने नैक निरीक्षण यात्रा का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करते हुए सभी हितधारकों के सहयोग की सराहना की। सभी प्रतिभागियों ने विश्वविद्यालय में गुणवत्ता संस्कृति को सुदृढ़ करने व सतत सुधार की दिशा में सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।
सामान्य प्रश्न
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