DA Image
हिंदी न्यूज़ › झारखंड › रांची › एचईसी को रक्षा मंत्रालय के अधीन करे केंद्र
रांची

एचईसी को रक्षा मंत्रालय के अधीन करे केंद्र

हिन्दुस्तान टीम,रांचीPublished By: Newswrap
Mon, 27 Sep 2021 05:30 PM
एचईसी को रक्षा मंत्रालय के अधीन करे केंद्र

रांची। प्रमुख संवाददाता

एचईसी को पुनर्जीवित करने के लिए एक प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा गया है। एचईसी ऑफिसर्स एसोसिएशन ने एचईसी को रक्षा मंत्रालय के अधीन करने, एचईसी की जमीन का सदुपयोग करने तथा राज्य ‌एवं केंद्र सरकार की भागीदारी से एचईसी को चलाने का प्रस्ताव दिया है। एसोसिएशन के अनुसार एचईसी के पास अभी भी बड़ी क्षमता है और बेहतर प्रबंधन और नीतियों के तहत इसे चला कर देश का प्रतिष्ठित प्रतिष्ठान के रूप में पहचान दी जा सकती है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष एनपी सिंह के अनुसार एचईसी हर क्षेत्र का काम करने में सक्षम है। देश में अभी रक्षा उत्पादों और उपकरणों की जरूरत है। एचईसी ने रक्षा मंत्रालय और देश की सामरिक जरूरतों को पूरा करने के लिए पहले भी कई जटिल और संवेदनशील उपकरणों का निर्माण किया है, जो काफी सफल रहे हैं। भारत सरकार ने अभी देश में ही रक्षा उपकरणों के निर्माण की योजना बनायी है और इस पर काम भी शुरू कर दिया है। ऐसे में एचईसी को रक्षा मंत्रालय के अधीन कर यहां इन उपकरणों का निर्माण किया जा सकता है। कोल इंडिया, स्टील सेक्टर और रेलवे के कार्यादेश देने में एचईसी को प्राथमिकता देने की भी बात कही गयी है। एचईसी रेलवे की कई जरूरतों को पूरा कर सकता है। रेलवे व्हील, क्रैंक सॉफ्ट का निर्माण एचईसी पहले से ही करता रहा है। यहां रेलवे के लिए व्हील एवं एक्सेल प्लांट भी लगाया जा सकता है। इसकी सभी आधारभूत संरचना एचईसी के पास मौजूद है। सेल के आधुनिकीकरण प्रोजेक्ट का बड़ा हिस्सा भी एचईसी को दिया जा सकता है।

एचईसी को सुगमता से चलाने के लिए एचईसी के प्रबंधन में कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने और तत्काल स्थायी सीएमडी की नियुक्ति करने को कहा गया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि एचईसी में कर्मचारियों, राज्य सरकार और केंद्र सरकार की हिस्सेदारी तय होनी चाहिए। इक्विटी में 45 प्रतिशत कर्मचारी और 25-25 फीसदी हिस्सेदारी केंद्र और राज्य सरकार की होनी चाहिए। वर्तमान उच्च प्रबंधन के सभी अधिकारियों को तत्काल हटा देना चाहिए और स्थायी सीएमडी की नियुक्ति की जानी चाहिए। अकुशल प्रबंधन क्षमता के कारण एचईसी के कर्मचारियों का पांच माह का वेतन बकाया है। स्मार्ट सिटी की जमीन से मिले 360 करोड़ रुपये से कर्मचारियों का बकाया भुगतान की बात कही गयी थी, लेकिन बकाया भुगतान भी नहीं किया गया।

संबंधित खबरें