एशो हे बोइशाख एशो एशो... गाकर होकर नव वर्ष का स्वागत

हिन्दुस्तान, रांची
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रांची में बांग्ला नव वर्ष पोएला बोइशाख को विशेष धूमधाम से मनाया जाएगा। लोग पारंपरिक वेशभूषा में सजकर पूजा करेंगे और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे। इस दिन व्यापारियों के लिए नए बहीखातों की शुरुआत और सोना खरीदने की परंपरा है। कई संगठन सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन करेंगे, जिससे उत्सव का माहौल बनेगा।

एशो हे बोइशाख एशो एशो... गाकर होकर नव वर्ष का स्वागत

रांची, विशेष संवाददाता। बांग्ला नव वर्ष पोएला बोइशाख उल्लास के साथ बुधवार को मनाया जाएगा। बंग समुदाय के लिए बंगाब्ध 1433 के स्वागत के लिए रांची में वंग समुदाय की ओर से विशेष तैयारी की गई है। लोग पारंपरिक वेशभूषा में सजकर पूजा-अर्चना करेंगे और सांस्कृतिक उत्सवों में भाग लेंगे। इसमें व्यापार, संस्कृति और पारिवारिक परंपराओं का सुंदर संगम देखने को मिलेगा। गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के लिखे गीत ‘एशो हे बोइशाख एशो एशो...’ गाकर नववर्ष का स्वागत किया जाएगा। इस दिन से बंग समुदाय अपने सभी शुभ कार्यों की शुरुआत करता है। विशेष रूप से व्यापारियों के लिए हालखाता (बहीखाता) की परंपरा अहम होती है।

इसमें पुराने खातों को बंद कर नए बहीखाते की शुरुआत की जाती है। इस दिन दुकानों में पूजा-अर्चना कर ग्राहकों को आमंत्रित करने और मिठाइयों के साथ नववर्ष की शुभकामनाएं देने की प्रथा है।अकबर के समय हुई थी शुरुआतबांग्ला कैलेंडर की शुरुआत मुगल सम्राट अकबर के शासनकाल में हुई थी। 1556 में कर वसूली की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए बंगाब्ध की शुरुआत की गई। चैत के अंतिम दिन पुराने हिसाब चुकता करने और बैसाख के पहले दिन से नए खाते आरंभ करने की परंपरा उसी समय से चली आ रही है। बंग समुदाय में इस दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है। बड़ों द्वारा पार्बोनी के रूप में उपहार या पैसे देने की परंपरा भी है।कई संगठन करेंगे सांस्कृतिक कार्यक्रमरांची में इस वर्ष पोएला बोइशाख में कई संगठन सांस्कृतिक कार्यक्रम करेंगे। यूनियन क्लब एंड लाइब्रेरी द्वारा बुधवार को प्लाजा हॉल में शाम 7 बजे कोलकाता की कलाकार अनुष्मिता गुप्ता प्रस्तुति देंगी। देशप्रिय क्लब एंड लाइब्रेरी में संगीत, कविता व व्याख्यान होगा। वहीं, बगंशक्ति संस्था नृत्य, संगीत व कविता पाठ कराएगी। मेकॉन के सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन मजलिस 17 से 19 अप्रैल तक सांस्कृतिक कार्यक्रम कराएगा। इसमें स्थानीय कलाकारों के साथ रिएलिटी शो सारेगामापा, चैंपियन रहे गायक अतनु मिश्रा का लाइव परफॉर्मेंस मुख्य आकर्षण रहेगा।बंग समुदाय में उत्साहडॉ शिवालिक ने कहा, पोएला बोइशाख हमारे लिए नई शुरुआत का संदेश लेकर आता है। यह दिन हमें सकारात्मक सोच, अच्छे संकल्प और आपसी संबंधों को मजबूत बनाने की प्रेरणा देता है।गौरी घोष ने कहा, नया साल नई उम्मीदों का प्रतीक है। बसंत ऋतु की ऊर्जा और प्रकृति की हरियाली हमारे जीवन में भी खुशियां और सफलता लेकर आती है, जिससे मन उत्साहित रहता है।भजन कर्मकार ने कहा, यह दिन व्यापारियों और किसानों के लिए खास होता है। हम पुराने हिसाब बंद कर नए- हाल खाता, की शुरुआत करते हैं और अपने कार्य की सफलता के लिए प्रार्थना करते हैं।उजानी घोष बोलीं, हाल खाता एक उत्सव जैसा होता है। दुकानों में पूजा होती है और परिवार व रिश्तेदारों के साथ मिलकर भोजन किया जाता है, जिससे सामाजिक संबंध और मजबूत होते हैं।डॉ पंपा सेन विश्वास बोलीं, पोएला वैशाख हमें अपनी संस्कृति से जुड़ने का अवसर देता है। पारंपरिक गीत, नृत्य और पूजा के साथ हम नए संकल्प लेकर वर्ष की शुरुआत करते हैं।मुरलीधर दत्ता ने कहा, हम इस दिन भगवान की पूजा कर बड़ों का आशीर्वाद लेते हैं। परिवार के साथ समय बिताकर पूरे वर्ष सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।

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