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मन की शांति के लिए अचूक उपाय है गीता

मन की शांति के लिए अचूक उपाय है गीता

संक्षेप:

रांची में श्रीमद्भागवत गीता की पवित्र वर्षगांठ मनाई जाएगी। गीता जयंती पर विशेष अनुष्ठान होंगे। गीता अर्जुन को भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिए गए उपदेश हैं, जो जीवन में कर्मयोग का महत्व बताते हैं। गीता के श्लोकों से मन की शांति और सकारात्मकता प्राप्त की जा सकती है।

Sun, 30 Nov 2025 08:33 PMNewswrap हिन्दुस्तान, रांची
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रांची, प्रमुख संवाददाता। श्रीमद्भागवत गीता के प्राकट्य की पवित्र वर्षगांठ सोमवार को है। गीता जयंती पर शहर के कई प्रमुख मंदिरों में धार्मिक संगठन की ओर से विशेष अनुष्ठान एवं कार्यक्रम होंगे। श्रीमद्भागवत गीता भगवान श्रीकृष्ण के द्वारा अर्जुन को दिया गया उपेदश है। यह ईश्वरीय ज्ञान है, क्योंकि सांसारिक दुखों में भटके अर्जुन को विराट स्वरूप दिखाकर विश्व कल्याण की बात समझायी थी। एक तरह से यह ब्रह्मांड में व्यापत परम ईश्वर का दिया गया ज्ञान है। मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की एकादशी को भगवान श्रीकृष्ण ने कुरूक्षेत्र में युद्ध और धर्म क्षेत्र के बीच अर्जुन को गीता का उपेदश दिया था।

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कर्मयोगी बनने का देता है संदेश गीता आज के संदर्भ में नित्य नया है। गीता उपदेशों से अच्छा नागरिक बनने का मूल मंत्र मिल सकता है। इससे सभी लोग दूसरों का भी मार्गदर्शन करने में सक्षम होंगे और खुद के अलावा अन्य के जीवन को धन्य कर सकते हैं। ज्योतिषाचार्य आचार्य श्रीकृष्ण ने बताया कि गीता कर्मयोगी बनाने का संदेश देता है। वर्तमान समय में मृत्यु लोक के प्राणी कर्मयोग को भूलते जा रहे हैं। हम सभी को कर्म जीवन में गीता के उपदेशों को सुन कर अच्छी तरीके से कर्म करें। इससे सभी का कल्याण संभव होगा। उन्होंने बताया कि गीता से हमें यह संदेश मिलता है कि कर्म के चार सूत्र अहंकार नहीं करना चाहिए, को सदा याद रखना चाहिए। जीवन में समर्पण भाव होना जरूरी है। अशाक्ति नहीं होनी चाहिए और कभी भी फल से इच्छा नहीं रखनी चाहिए। इसके पाठ से जीवन में सकारात्मक भाव जागृत होते हैं। मन की शांति के लिए उपेदश है माध्यम भागदौड़ की जिंदगी में अशांत मन की शांति के लिए गीता उपेदश का मजबूत माध्यम है। गीता के श्लोकों में मन की शांति प्राप्त करने का अचूक उपाय है। श्रीमद्भागवत गीता के द्वादश अध्याय में भक्ति योग प्रसंग में भक्ति के लक्षण बताए गए हैं। इनमें करुणा, दया, परहित, अहिंसा समेत 32 लक्षण शामिल हैं। इनमें से एक को भी व्यावहारिक जीवन में उतार कर जीवन को सफल बनाया जा सकता है।