
बीएयू में सांस्कृतिक, शैक्षणिक व जनजागरण कार्यक्रमों की शृंखला शुरू
भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सामाजिक कार्यक्रमों की शृंखला शुरू हुई है। इसमें प्रतियोगिताएँ, प्रदर्शनी और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 10 नवंबर को वक्तृत्व कला प्रतियोगिता और 15 नवंबर को माटी के वीर पदयात्रा का आयोजन होगा।
रांची, विशेष संवाददाता। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) में विविध सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सामाजिक कार्यक्रमों की शृंखला शुरू हो गई है। विश्वविद्यालय परिसर और इससे जुड़े कॉलेजों में यह उत्सव सप्ताहभर तक चलेगा, जिसमें गीत, संगीत, नृत्य, प्रदर्शनी, पदयात्रा, वाद-विवाद, निबंध लेखन, तीरंदाजी, ग्राम विकास और जनजागरण से जुड़ी कई प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। आउटरीच और जागरुकता कार्यक्रम क्विज प्रतियोगिता शनिवार को आउटरीच गतिविधियों के तहत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, कांके में 9वीं और 10वीं की छात्राओं के बीच क्विज प्रतियोगिता हुई। उद्देश्य भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और झारखंड के आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों-भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू और तिलका मांझी के योगदान के प्रति छात्रों में जागरुकता बढ़ाना था।

विश्वविद्यालय की वैज्ञानिक टीम डॉ. मिन्टू जॉब, डॉ. नीतू कुमारी, डॉ. शांति कुरली, डॉ. निति तिर्की और डॉ. अल्पना दूबे ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस दौरान, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों पर आधारित मॉडल प्रदर्शनी भी लगाई गई। जहां छात्राओं के सवालों का समाधान वैज्ञानिकों ने किया। विद्यालय की प्रधानाचार्या अंजली गांगुली और शिक्षिकाओं ने सहयोग दिया। लगभग 50 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसी क्रम में वेटरनरी कॉलेज में निबंध प्रतियोगिता हुई, संयोजन डॉ आलोक कुमार पांडेय ने किया। वहीं, रांची एग्रीकल्चर कॉलेज में क्विज का संचालन डॉ हेमचंद्र लाल की अध्यक्षता में गठित समिति की ओर से की गई। एग्रीकल्चर कॉलेज में वक्तृत्व कला प्रतियोगिता 10 को निदेशक छात्र कल्याण डॉ बीके अग्रवाल ने बताया कि 10 नवंबर को रांची एग्रीकल्चर कॉलेज में वक्तृत्व कला प्रतियोगिता आयोजित होगी, जिसका संयोजन कृषि संकाय के डीन डॉ डीके शाही करेंगे। उसी दिन वानिकी संकाय में डॉ एके चक्रवर्ती के संयोजकत्व में वाद-विवाद प्रतियोगिता होगी। 13 और 14 नवबर का आयोजन तीरंदाजी प्रतियोगिता 13 नवंबर को रांची एग्रीकल्चर कॉलेज क्रीड़ांगन में आयोजित की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी वार्डन डॉ नीरज कुमार को दी गई है। 14 नवबर को एग्रीकल्चर कॉलेज के सभागार में जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों की गौरवगाथा पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसका संयोजन डॉ प्रभात रंजन उरांव करेंगे। उसी दिन समूह नृत्य, समूह गान, एकल गायन और लघु नाटिका प्रतियोगिताएं भी होंगी, जिनका समन्वय विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक समन्वयक डॉ अरुण कुमार तिवारी करेंगे। समापन दिवस पर माटी के वीर पदयात्रा समापन दिवस 15 नवंबर को विश्वविद्यालय- माटी के वीर पदयात्रा आयोजित करेगा, जो कृषक भवन से शुरू होकर एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग परिसर तक जाएगी। इसका संयोजन डॉ एमके बर्णवाल करेंगे। इसके बाद बिरसा भगवान के जीवन और संघर्ष पर आधारित शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसका समन्वय डॉ राम प्रसाद मांझी करेंगे। मुख्य समापन समारोह रांची एग्रीकल्चर कॉलेज के सभागार में आयोजित होगा। इसकी अध्यक्षता कुलपति डॉ एससी दुबे करेंगे, जबकि मुख्य वक्ता डॉ रामदयाल मुंडा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान, रांची के पूर्व निदेशक डॉ प्रकाश चंद्र उरांव होंगे। इस आयोजन की मुख्य समिति के संयोजक डॉ एसएस कुल्लू बनाए गए हैं।

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