सीयूजे में सामाजिक विज्ञान के शिक्षकों को मिलेगा शोध कौशल निखारने का प्रशिक्षण
केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड में 1-13 दिसंबर तक सामाजिक विज्ञान संकाय सदस्यों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शोध विधियों के माध्यम से शिक्षकों को...

रांची, विशेष संवाददाता। केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड (सीयूजे) के शिक्षा विभाग व अर्थशास्त्र एवं विकास अध्ययन विभाग की ओर से- सामाजिक विज्ञान संकाय सदस्यों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम, का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर), नई दिल्ली के सहयोग से 1-13 दिसंबर तक सीयूजे, परिसर में आयोजित होगा। विषय है- सामाजिक विज्ञान में मात्रात्मक एवं गुणात्मक शोध विधियां। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में कार्यरत सामाजिक विज्ञान के शिक्षकों को शोध कार्यों की बारीकियों से परिचित कराना और उन्हें आधुनिक शोध पद्धतियों से सशक्त बनाना है। कार्यक्रम के संरक्षक कुलपति प्रो क्षिति भूषण दास, कुलपति, हैं।
सलाहकारों में प्रो. विमल किशोर (शिक्षा विभागाध्यक्ष, सीयूजे) व डॉ आलोक कुमार गुप्ता (डीन, सामाजिक विज्ञान और मानविकी संकाय) शामिल हैं। वहीं,न पाठ्यक्रम निदेशक प्रो तपन कुमार बसंता और सह-पाठ्यक्रम निदेशक डॉ संहिता सुचारिता है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान संस्कृति को विकसित करना है। विशेषकर गुणात्मक और मात्रात्मक शोध विधियों को समझने और व्यवहार में लागू करने पर बल दिया जाएगा। प्रतिभागियों को शोध की बुनियादी अवधारणाएं, अनुसंधान समस्या की पहचान, शोध उपकरण निर्माण, डेटा संग्रहण एवं विश्लेषण के कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, प्रतिभागियों को अंतर्विषयक शोध, शोध लेखन, शोध परियोजना निर्माण और प्रकाशन प्रक्रिया के व्यावहारिक पहलुओं पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को अकादमिक लेखन की गुणवत्ता सुधारने, शोध प्रकाशन के लिए उपयुक्त पत्रिकाओं के चयन और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुतीकरण की दिशा में मार्गदर्शन मिलेगा। इसमें जिन विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे, उनमें- सामाजिक विज्ञान में शोध की महत्ता और पद्धतियां, मात्रात्मक और गुणात्मक शोध की अवधारणाएं, शोध उपकरण निर्माण, डेटा संग्रहण और सांख्यिकीय विश्लेषण, अंतर्विषयक शोध और शोध लेखन, शोध परियोजनाओं का प्रस्ताव और प्रकाशन प्रक्रिया, विशेष कार्यशालाएं, केस स्टडी और फील्ड वर्क अनुभव आदि शामिल हैं। रजिस्ट्रेशन और चयन प्रक्रिया कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पंजीकरण ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है। रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 15 अक्तूबर है, जबकि चयन सूची 20 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी। इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रतिभागियों से कोई रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं लिया जाएगा। कुल 80 प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा, जिसमें 50 केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड के लिए और 30 स्थान अन्य विश्वविद्यालयों व कॉलेजों के लिए सुरक्षित रहेंगे। प्रतिभागियों को रेल यात्रा (एसी-3 श्रेणी तक) का किराया और रहने-खाने की सुविधा विश्वविद्यालय की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी। बाहर से आने वाले प्रतिभागियों को विश्वविद्यालय गेस्ट हाउस या नजदीकी होटल में ठहरने की व्यवस्था होगी। सफलतापूर्वक कार्यक्रम पूरा करने वाले प्रतिभागियों को भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) की ओर से प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। यह प्रमाणपत्र विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के संकाय संवर्द्धन कार्यक्रम (एफडीपी) के समकक्ष मान्य होगा।
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