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कैंसर का निदान केवल एक विधा से संभव नहीं : डॉ गुप्ता

रिम्स के आंकोलॉजी डिपार्टमेंट में पीजी छात्रों को कैंसर के बेसिक ट्रीटमेंट की जानकारी देने के लिए शनिवार को एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, ऋषिकेश के आंकोलॉजिस्ट डॉ मनोज कुमार गुप्ता ने कहा कि ये कहना ठीक नहीं है कि कैंसर केवल सर्जरी से ठीक हो जाएगा या कीमोथेरेपी से ठीक हो जाएगा या केवल रेडियोथेरपी से ठीक हो जाएगा। इसके लिए तीनों विधाओं के विशेषज्ञों को मिलकर काम करना पड़ता है। मरीज को तीनों टीमें पहले देख लें कि उस मरीज के लिए क्या करना ठीक रहेगा, क्या सिक्वेंस रखना है यह तय कर लें। वे यह तय कर लें के मरीज को पहले क्या करना है। पहले सर्जरी करनी है या पहले रेडिएशन देना है या कीमो देनी है। उसके बाद ही तय मानदंड के अनुसार काम करें। मरीज के हित में यही बेहतर है। डॉ गुप्ता ने बताया कि अब कैंसर के उपचार की अत्याधुनिक विधियां आ गई हैं। आईएमआरटी, आईजीआरटी, एसआरएस के माध्यम से अब हम मरीज के ट्यूमर को पिन प्वाइंट कर लेते हैं। उसी के हिसाब से रेडिएशन देते हैं, इससे आसपास के सेल डैमेज नहीं होते हैं। डॉ गुप्ता शनिवार को रिम्स के पीजी स्टूडेंट्स को रेडिएशन के बेसिक्स बता रहे थे। इस अवसर पर कटक के डॉ एसएन सेनापति, आईजीआईएमएस, पटना के डॉ राजीव कुमार, टीएमएच, जमशेदपुर के डॉ अमित कुमार, रिम्स के डॉ अनूप कुमार के अलावा रिम्स के पीजी छात्र उपस्थित थे। साइड इफेक्ट बहुत ज्यादा नहीं होते हैं डॉ गुप्ता ने कहा कि अब मरीजों को रेडिएशन से ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। अब इसके ज्यादा साइड इफेक्ट नहीं होते हैं। अत्याधुनिक तकनीक में हम केवल प्रभावित स्थान पर ही रेडिएशन देते हैं। इससे आसपास के सेल्स को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता।

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  • Web Title:Cancer diagnosis is not possible with only one genre: Dr. Gupta