राज्य में हर साल मुंह के कैंसर के 32000 नए रोगियों की पहचान : अभियान निदेशक

हिन्दुस्तान, रांची
Follow us on Google News
share

झारखंड में प्रतिवर्ष लगभग 35,000 से 40,000 कैंसर रोगियों की पहचान होती है, जिनमें से 40 से 45 प्रतिशत मरीज मुख कैंसर से प्रभावित होते हैं। तंबाकू सेवन मुख कैंसर का प्रमुख कारण है। अभियान निदेशक ने तंबाकू मुक्त जीवनशैली अपनाने और नशे की लत छोड़ने का आह्वान किया।

राज्य में हर साल मुंह के कैंसर के 32000 नए रोगियों की पहचान : अभियान निदेशक

रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि झारखंड में प्रतिवर्ष लगभग 35,000 से 40,000 कैंसर रोगियों की पहचान होती है, जिनमें 40 से 45 प्रतिशत मरीज मुख (ओरल) कैंसर से प्रभावित होते हैं। यानी औसतन हर साल मिलने वाले 75000 कैंसर मरीजों में लगभग 31875 मरीज मुंह के कैंसर से पीड़ित होते हैं। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन मुख कैंसर का प्रमुख कारण है। समय रहते इसकी रोकथाम और जागरुकता से इसपर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। अभियान निदेशक रविवार को आईपीएच सभागार, नामकुम में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर एनएचएम, झारखंड द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति को केवल शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि आर्थिक और मानसिक रूप से भी कमजोर बनाता है। नशे के कारण व्यक्ति की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर होती है। युवा तंबाकू मुक्त जीवनशैली अपनाएं तथा समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बनें। उन्होंने लोगों से नशे की लत छोड़कर शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनने का आह्वान किया। कहा कि तंबाकू नियंत्रण केवल स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि संपूर्ण समाज का अभियान है। तंबाकू मुक्त झारखंड के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए “पूरी सरकार” एवं “पूरा समाज” दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। इसमें स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहिया, एएनएम, पंचायती राज संस्थाएं, ग्रामीण विकास विभाग, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, शैक्षणिक संस्थान, नगरीय निकाय, सामुदायिक संगठन तथा आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए。

दंत चिकित्सक तंबाकू नियंत्रण में अग्रिम पंक्ति के योद्धा

उन्होंने दंत चिकित्सकों को तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम में अग्रिम पंक्ति का योद्धा बताते हुए कहा कि प्रत्येक दंत चिकित्सा इकाई को तंबाकू त्याग परामर्श एवं व्यवहार परिवर्तन संचार का प्रभावी केंद्र बनाया जाना चाहिए। डॉ. अर्पिता राय, अतिरिक्त प्राध्यापक, रिम्स रांची द्वारा तंबाकू सेवन से होने वाले मुख कैंसर, उसकी प्रारंभिक पहचान एवं रोकथाम पर विस्तृत जानकारी दी गई। संताना कुमारी ने मानसिक स्वास्थ्य एवं नशे के दुष्प्रभावों पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया। कार्यक्रम के दौरान अभियान निदेशक ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को तंबाकू निषेध की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में रिम्स की डॉ अर्पिता राय, सदर रांची के डॉ रवि राय, सदर खूंटी के डॉ राजीव रंजन, डॉ लाल मांझी समेत जिला दंत चिकित्सा पदाधिकारी, आयुष चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी (सीएचओ), राज्य एवं जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी एवं विभिन्न कार्यक्रमों से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

अभियान निदेशक ने स्वरचित कविता से दिया जागरुकता संदेश

कार्यक्रम के दौरान अभियान निदेशक ने स्वरचित कविता “धुएं से आज़ादी” के माध्यम से युवाओं से तंबाकू एवं अन्य नशों से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने का आह्वान किया।

कविता की प्रमुख पंक्तियां—

एक कश में क्या रखा है,

ज़रा सोचो तो यारों।

पल भर का नशा देकर,

छीन लेता है बहारों।

बीड़ी, सिगरेट, खैनी, गुटखा,

मौत के चार हथियार।

फेफड़ों को काला करके,

कर दे जीवन बेकार।

आओ कसम खाएं आज,

31 मई के दिन।

ना खुद छुएंगे, ना छूने देंगे,

दोस्तों को भी रोकेंगे, बिन।

धुआ नहीं, अब उड़ान भरो,

सेहत की पतंग आसमान छुए।

तम्बाकू छोड़ो, जीवन चुनो,

यही है सबसे बड़ी दुआ।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड में प्रतिवर्ष कितने कैंसर रोगियों की पहचान होती है?
झारखंड में प्रतिवर्ष लगभग 35,000 से 40,000 कैंसर रोगियों की पहचान होती है।
Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।