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कैबिनेट बैठक: आपदा पीड़ितों को भी अब आंबेडकर आवास

राज्य में आपदा पीड़ितों को भी अब आंबेडकर आवास मिलेगा। कैबिनेट ने मंगलवार को ग्रामीण विकास विभाग के इससे जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके अलावा राज्य के 16 जिलों के अस्पताल में डायलसिस सेंटर खोलने, तीन विधेयक के संशोधन प्रारूप, कृषि केंद्रों में ब्रिडिंग व प्रशिक्षण सेंटर विकसित करने, पेंशन भोगियों का मेडिकल भत्ता बढ़ाने समेत 18 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

आंबेडकर आवास योजना के तहत सामाजिक आर्थिक जाति आधारित जनगणना 2011 के आंकड़ों के आधार पर लाभुकों को प्राथमिकता दी गई थी। साथ ही 30 वर्ष से अधिक आयु की आवासविहीन या एक कमरे तक के कच्चे मकान में रहने वाली विधवा को जिसकी मासिक आय पांच हजार से कम हो उन्हें इसका लाभ मिलता था।

नई व्यवस्था की गई: अब बाढ़, भूकंप भूस्खलन, ओलावृष्टि, आगजनी, हाथी के प्रकोप से प्रभावित परिवार व एकल परित्यक्त महिलाएं जो स्वयं आवास नहीं बना सकतीं उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा। स्वीकृति उपायुक्त द्वारा संतुष्टि के आधार पर दी जाएगी। यह लाभ केवल उन्हें ही मिलेगा जो गृह, कारा व आपदा प्रबंधन विभाग या वन विभाग से मुआवजा नहीं लेगा। आंबेडकर आवास के तहत हर वित्तीय वर्ष के लक्ष्य का अधिकतम 25 फीसदी ही प्राकृतिक आपदा से ग्रस्त लोगों के लिए होगा।

सभी जिलों और मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस केंद्र

राज्य के सभी जिलों और मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस सेंटर खोला जाएगा। यह पीपीपी मोड पर काम करेगा। पहले चरण में आठ जिलों में यह सुविधा देने की प्रक्रिया चल रही है। कैबिनेट ने मंगलवार को बचे हुए 16 जिलों में भी डायलिसिस सेंटर खोलने की मंजूरी दे दी।

तीन विधेयकों संशोधन प्रारूप को मंजूरी: कैबिनेट ने तीन विधेयकों साईनाथ विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2018, उषा मार्टिन विश्वविद्यालय, (संशोधन) विधेयक, 2018 और झारखंड श्रम विधियां (संशोधन) प्रकीर्ण उपबंध विधेयक 2018 को मंजूरी दी। विश्वविद्यालय से संबंधित दोनों संशोधन विधेयक के अधिनियम की धारा-6 की उपधारा-2 को विलोपित किया गया है। इसके तहत अब प्रशासक मंडल की पूर्व अनुमति से विश्वविद्यालय किसी महाविद्यालय अथवा अन्य संस्था को सम्बद्ध कर सकता है, इसे हटाया गया है।

पहले चरण में रिम्स सहित इन जिलों को लाभ

पहले चरण में डायलिसिस की सुविधा रिम्स के अलावा बोकारो, चाईबासा, धनबाद, दुमका, गुमला, हजारीबाग, जमशेदपुर और पलामू में प्रदान करने की प्रक्रिया चल रही है। बचे हुए शेष 16 जिले और नए खुलने वाले मेडिकल कॉलेजों में यह सुविधा बहाल की जाएगी।

गरीबों को होगा फायदा

गरीबों का डायलिसिस मुफ्त में होगा। जबकि अन्य लोगों को प्राइवेट अस्पतालों से काफी कम कीमत पर डायलिसिस की सुविधा मिल सकेगी। इसकी शुल्क कंपनी के चयन के बाद तय की जाएगी। एजेंसी के साथ सात साल का अनुबंध होगा। इसके संचालन और मॉनिटरिंग के लिए समिति का भी गठन किया जाएगा।

पेंशन पाने वालों का मेडिकल भत्ता 700 रुपये बढ़ा

राज्य के पेंशन एवं पारिवारिक पेंशन भोगियों का मेडिकल भत्ता बढ़ाने की कैबिनेट ने मंजूरी दी। इन्हें अभी हर महीने 300 रुपये मेडिकल भत्ता मिलता है, जिसे बढ़ा कर एक हजार रुपये किया गया। यह एक जून 2018 से देय होगा।

नई राजधानी का परामर्शी शुल्क बढ़ा

रांची में बन रही नई राजधानी के मास्टर प्लान का परामर्शी शुल्क बढ़ गया है। कैबिनेट ने नगर विकास विभाग के परामर्शी शुल्क बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। पहले तैयार किए गए मास्टर प्लान में भवनों का क्षेत्रफल के अनुसार 2.19 करोड़ रुपये परामर्शी शुल्क देना था। फाइनल मास्टर प्लान में विभिन्न भवनों का क्षेत्रफल को बढ़ाया गया है। इस आधार पर परामर्शी शुल्क भी बढ़ गया है। अब पांच करोड़ रुपये परामर्शी शुल्क के रूप में देना होगा।

कृषि केंद्र में ब्रीडिंग सेंटर

राज्य के 23 जिलों में कृषि विज्ञान केंद्र है। इसे कृषि के साथ-साथ मुर्गी, मछली, बकरी व सूकर पालन और दूग्ध उत्पादन के लिए ब्रीडिंग सह प्रशिक्षण सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। कैबिनेट ने इसके लिए 26.52 करोड़ रुपये की मंजूरी दी।

माडा को 80 फीसदी राशि मिलेगी

माडा बाजार शुल्क वसूल कर राजकोष में जमा करता है। माडा द्वारा जितनी राशि जमा की जाती है, उस राशि का अभी 50 फीसदी माडा को क्षेत्र में विकास करने के लिए दिया जाता है। कैबिनेट ने अब 80 फीसदी राशि विकास कार्यों के लिए देने की अनुमति दी है।

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  • Web Title:Cabinet meeting: Disaster victims also now Ambedkar residence