हत्याकांड के 25 साल पुराने मामले में बिल्डर राकेश चौधरी बरी
रांची में 25 साल पुराने रामचरण बेड़िया हत्या मामले में बिल्डर राकेश चौधरी को अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। 2001 में रामचरण की हत्या की साजिश में राकेश की भूमिका बताई गई थी, लेकिन अदालत ने पर्याप्त सबूत न मिलने पर उसे निर्दोष ठहराया। सह आरोपी शंकर बेड़िया को पहले ही उम्रकैद की सजा मिली थी।

रांची, संवाददाता। 25 साल पुराने रामचरण बेड़िया हत्याकांड में ट्रायल फेस कर रहा बिल्डर राकेश चौधरी को अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। यह फैसला अपर न्यायायुक्त ओंकार नाथ चौधरी की अदालत ने बुधवार को सुनाया। अभियोजन के अनुसार, 28 अप्रैल 2001 को रामचरण बेड़िया को अभियुक्त शंकर बेड़िया ने बिल्डर राकेश चौधरी के बुलावे का बहाना बनाकर कार से ले गया था। इसके बाद रामचरण लापता हो गया। 14 मई 2001 को सिकिदिरी थाना क्षेत्र के फोरवे डैम के पास उसका कंकाल बरामद किया गया। चिकित्सकीय जांच में सिर पर गंभीर चोट से मौत की पुष्टि हुई थी।
आरोपी की ओर से बहस अधिवक्ता विद्युत चौरसिया ने किया था। मामले में अभियोजन का आरोप था कि हत्या की साजिश में राकेश चौधरी की भूमिका रही है। हालांकि, अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि राकेश चौधरी के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त व ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जा सके। गौरतलब है कि इसी मामले में सह आरोपी शंकर बेड़िया उर्फ चैतू बेड़िया को 27 नवंबर 2024 में अदालत ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। उस समय राकेश चौधरी की फाइल अलग कर दी गई थी और उसके खिलाफ सुनवाई जारी रखी गई थी।

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