जब बिल फाड़ा गया तब चुप, आज महिला आरक्षण पर ज्ञान : प्रतुल

Newswrap हिन्दुस्तान, रांची
share

झामुमो का आरोप तथ्यों से परे और जनता को गुमराह करने वाला, राज्यसभा की सीटें कभी भी परिसीमन के आधार पर नहीं बढ़ाई गईं

जब बिल फाड़ा गया तब चुप, आज महिला आरक्षण पर ज्ञान : प्रतुल

रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने झामुमो के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि झामुमो आज महिला आरक्षण के मुद्दे पर झूठ और भ्रम की राजनीति कर रहा है। उसका अपना इतिहास महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ खड़ा रहा है। प्रतुल ने कहा कि झामुमो द्वारा परिसीमन और राज्यसभा सीटों को लेकर दिए गए बयान पूरी तरह भ्रामक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में 1952, 1963 और 1973 के बाद कई बार परिसीमन में लोकसभा और विधानसभा सीटों में बदलाव हुआ। 1973 में तो लोकसभा की सीटें बढ़ाकर 522 से 545 कर दिए गए।

लेकिन राज्यसभा की सीटें कभी भी परिसीमन के आधार पर नहीं बढ़ाई गईं। लोकसभा और विधानसभा की सीटों के बढ़ने से राज्यसभा की सीटों के बढ़ने का कोई सीधा संबंध नहीं है। ऐसे में झामुमो का आरोप तथ्यों से परे और जनता को गुमराह करने वाला है।प्रतुल शाहदेव ने कहा कि झामुमो का यह बयान दरअसल महिला आरक्षण का विरोध करने की मानसिकता को छिपाने का प्रयास है। उन्होंने याद दिलाया कि 2010 में जब महिला आरक्षण विधेयक संसद में पेश हुआ था, तब समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल के सांसदों ने संसद के अंदर बिल की प्रति फाड़कर फेंक दी थी। उस समय झामुमो उन्हीं राजनीतिक समीकरणों का हिस्सा था, लेकिन उसने इस कुकृत्य का विरोध करने का साहस नहीं दिखाया।भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए ने 2023 में ऐतिहासिक महिला आरक्षण कानून पारित कर महिलाओं को उनका हक देने का काम किया है। प्रतुल शाहदेव ने कहा कि महिला आरक्षण को लागू करने के लिए जनगणना और परिसीमन की संवैधानिक प्रक्रिया अनिवार्य है, जिसे पहले भी हर परिसीमन में अपनाया गया है। इसे लोकतंत्र की चोरी बताना न केवल संविधान का अपमान है, बल्कि देश की महिलाओं का भी अपमान है। प्रतुल ने कहा कि राज्य की बेटियों की तो रक्षा झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार कर नहीं पा रहा है तो पूरे देश की बेटियों की चिंता इसे कैसे होगी? हेमंत सोरेन के कार्यकाल में 10000 से ज्यादा बलात्कार की घटनाएं हो चुकी हैं। हाल के दिनों में बलात्कार की घटनाओं में दानिश, शादाब, फदाब, इरफान, रशीद, सलमान, जुबैर जैसे जिहादियों का नाम आया, लेकिन सरकार इन घटनाओं को रोकने में नाकाम है।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।