
राजधानी में सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर जमीन की लूट जारी : भाजपा
रांची में भाजपा ने रिम्स की जमीन पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण के लिए राज्य सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र का दुरुपयोग हो रहा है। भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि चार वर्षों से अवैध अपार्टमेंट का निर्माण हो रहा है, जिससे स्पष्ट है कि माफियाओं को सरकार का संरक्षण प्राप्त है।
रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। रिम्स की जमीन पर अतिक्रमण व अवैध निर्माण पर भाजपा ने राज्य सरकार को घेरा है। भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि राजधानी रांची में सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर जमीन की व्यवस्थित और संगठित लूट जारी है। बरियातू क्षेत्र में सरकारी अस्पताल की जमीन पर कब्जा कर अपार्टमेंट खड़ा कर दिया गया है, जो अपने-आप में बड़ा सवाल खड़ा करता है। अजय ने कहा कि सामान्यतः जमीन माफिया दो-तीन दिनों में अवैध कब्जा कर भाग खड़े होते हैं, लेकिन रिम्स परिसर में तो चार वर्षों तक खुलेआम अपार्टमेंट का निर्माण होता रहा। इतने लंबे समय तक चलने वाला अवैध निर्माण तभी संभव है, जब माफियाओं को सरकार और उसके प्रभावी तंत्र का संरक्षण प्राप्त हो।
इस पूरे प्रकरण में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ रांची नगर निगम के शीर्ष अधिकारी भी समान रूप से संलिप्त प्रतीत होते हैं। जहां आम लोगों के साधारण मकानों के नक्शे वर्षों तक पास नहीं होते, वहां चार साल तक अवैध अपार्टमेंट का निर्माण बिना अधिकारियों की शह के चलना असंभव है। अजय साह ने यह भी सवाल उठाया कि क्या इसी रिम्स मॉडल को लागू करने के लिए सरकार भारी जनविरोध के बावजूद रिम्स-2 के लिए निवासियों की जमीन अधिग्रहित करने पर तुली हुई है? जब वर्तमान रिम्स की जमीन बिल्डरों और जमीन माफियाओं के हवाले कर दी गई है, तो क्या रिम्स-2 भी इसी तरह भूमाफियाओं के लिए नया खजाना बनाने की तैयारी है? भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि जो नगर निगम आम नागरिकों के साधारण मकानों पर बुलडोज़र चलाने में तत्पर रहता है, वही रिम्स में हो रहे अवैध निर्माण पर वर्षों तक केवल नोटिस-नोटिस का खेल खेलता रहा। भाजपा ने दावा किया कि इस अवैध निर्माण में कांग्रेस के एक विधायक का नाम भी सामने आ रहा है, इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई अनिवार्य है। भाजपा प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि रांची नगर निगम पूरे राज्य के भ्रष्ट अधिकारियों की शरणस्थली बन गया है। दूसरे जिलों या नगर परिषदों में जब कोई अधिकारी भ्रष्टाचार के आरोपों में घिर जाता है, तो उसे रांची नगर निगम में पदोन्नत कर भेज दिया जाता है, ताकि वह राजधानी में बड़े पैमाने पर खेल कर सके। अजय ने कहा कि नगर निगम में जारी यही भ्रष्टाचार का तंत्र है, जिसके कारण पिछले 5 वर्षों से राज्य में नगर निगम चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं।

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