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रांचीबीएयू: किसानों को खरीफ खेती की तैयारी शुरू करने की दी सलाह

हिन्दुस्तान टीम,रांचीPublished By: Newswrap
Sat, 15 May 2021 03:03 AM
बीएयू: किसानों को खरीफ खेती की तैयारी शुरू करने की दी सलाह

रांची। प्रमुख संवाददाता

राज्य में पिछले एक पखवाड़े से विभिन्न क्षेत्रों में कहीं छिटपुट, तो कहीं अच्छी वर्षा हो रही। मौसम विभाग के मुताबिक आनेवाले दिनों में मौसम ऐसे ही बने रहने की संभावना है। बीएयू के कुलपति डॉ ओंकारनाथ सिंह इसे प्री मानसून की दस्तक बताया। उन्होंने कहा कि इस समय खेतों की मिट्टी में पर्याप्त नमी मौजूद है, इससे किसानों को लाभ उठाना चाहिए। किसानों को खाली पड़े खेतों की जुताई शुरू कर देनी चाहिए। वर्षा जल संचयन के लिए डोभा का निर्माण करना चाहिए। फल या लकड़ी के पौधे लगाने के लिए गढ्ढो की खुदाई व मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए हरी खाद वाली फसलों की बुआई करनी चाहिए।

कुलपति कहा कि खेतों में मौजूद नमी आगामी खरीफ फसलों खेती की तैयारी के लिए आदर्श स्थिति है। इस समय टांड, दोन व मेढ़ बांधने और उसके बाद खेतों की 2-3 गहरी जुताई करने की जरूरत है। इससे खेतों में खर-पतवार नियंत्रित हो सकेगा और खेतों में मौजूद कीड़े-मकोड़े व विभिन्न रोगों के विषाणु नष्ट होंगे। इससे खरीफ फसलों की खेती लागत कम की जा सकेगी। उन्होंने खेत में लगी फसलों की निकाई-गुड़ाई करने का सुझाव दिया, ताकि खेतों की मिट्टी में नमी ज्यादा दिनों तक नमी बरकरार रहे। बताया कि इस समय खेतों में लगे लत्तरदार सब्जियों में फल लगना शुरू हो गया हो तो, नीम से बना कीटनाशी जैसे अचूक/ नीमेरीन/ नीमेसिडीन में से किसी एक दवा को 5 मिली प्रति लीटर पानी में मिलाकर मौसम साफ रहने पर छिड़काव करना चाहिए। कुलपति ने रोपा धान के खेत की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए किसानों को खेतों में हरी खाद वाली फसल, जैसे- ढैंचा व सनई की बोआई 20-25 किलो प्रति एकड़ बीज की दर करने की सलाह दी।

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