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12 अगस्त, 2020|12:56|IST

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अपने पड़ोसियों से बारिश में पिछड़ा झारखंड

अपने पड़ोसियों से बारिश में पिछड़ा झारखंड

मानसून सामान्य रहने के बाद भी झारखंड अपने पड़ोसी राज्यों से बारिश के मामले में पिछड़ गया है। इसकी सीमा को छूनेवाले सभी राज्यों में यहां की अपेक्षा अधिक बारिश हो रही है। केवल ओडिशा में चार फीसदी कम बारिश हुई है। बावजूद इसके वह झारखंड से बेहतर स्थिति में हैं। झारखंड में बारिश में कमी का प्रतिशत 11 प्रतिशत तक पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में औसत से अधिक बारिश हुई है। इसमें भी सबसे अधिक बारिश बिहार में हुई है। यहां औसत से 53 फीसदी अधिक बारिश हुई है।झारखंड में एक जून से लेकर 23 जुलाई तक औसतन 441.1 मिमी बारिश होती है। लेकिन इस सीजन में अब तक 395.4 मिमी बारिश हुई है। यह औसत के लिहाज से इसके सभी पड़ोसी राज्यों की तुलना में कम है।मौसम विभाग के अनुसार झारखंड में इसके बावजूद मानसून की अच्छी संभावनाएं मौजूद हैं। 13 जून से प्रवेश के बाद से लगातार हर एक अंतराल पर मानसून सक्रिय होता रहा है। विभाग के विज्ञानियों के मुताबिक आनेवाले सात दिनों के दौरान भी राज्य में बारिश होने के आसार हैं। राज्य में छह जिलों में कम बारिश हुई है। गुमला, खूंटी, पाकुर, देवघर,सिमडेगा और सरायकेला-खरसांवा आदि जिलों कम बारिश हुई है। कोट-राज्य में मानसून में बारिश में कमी बहुत ज्यादा नहीं है। यह औसत से केवल दस फीसदी कम है। यह सामान्य मानसून के करीब है। आनेवाले दिनों में परिस्थितियां मानसून के अनुकूल हैं। इसके और सुधार होने की उम्मीद है। जुलाई के शेष दिनों में भी मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। इस दौरान पूरे राज्य में बारिश होने की संभावना है। -अभिषेक आनंद, वैज्ञानिक, मौसम विभागपड़ोसी राज्यों में बारिशराज्य बारिश हुई औसत प्रतिशतबिहार 658.6 430.4 53 अधिकप. बंगाल 713.2 633.2 13 अधिकयूपी 318.9 289.3 10 अधिकओडिशा 447.2 467.2 4 कमछत्तीसगढ़ 492.2 469.7 5 अधिकझारखंड 395.4 441.1 10 कम

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  • Web Title:Backward Jharkhand in rain from its neighbors