राज्य में भ्रष्टाचारियों और घोटालेबाजों को बचाया जा रहा : मरांडी
पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार पर भ्रष्टाचारियों को बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने एसीबी और ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाए और कहा कि पुलिस की तत्परता केवल दिखावे के लिए है। बच्चों की बरामदगी के मामले में भी पुलिस की विफलता पर उन्होंने हमला किया। सीबीआई जांच की मांग की गई।

रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने गुरुवार को भाजपा कार्यालय में प्रेसवार्ता कर राज्य सरकार पर बड़ा निशाना साधा। मरांडी ने कहा कि घोटालेबाजों, भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए झारखंड पुलिस काम कर रही है। पेयजल विभाग में हुए घोटाले की जांच में ईडी की कार्रवाई पर झारखंड पुलिस की कार्रवाई और भ्रष्टाचार के मामले में एसीबी की कार्रवाई दोनों पर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। शराब घोटाले में एसीबी की कार्रवाई पर मरांडी ने कहा कि इनकी तत्परता केवल मैच फिक्सिंग है। पहले ये सक्रियता दिखाते हैं, फिर जानबूझकर चार्जशीट नहीं करते, ताकि घोटालेबाजों, अपराधियों को बेल मिल जाए।
इसी तरह आईएएस अधिकारी विनय चौबे, सुधीर कुमार, नीरज कुमार, महेश, परेश ठाकोर, विक्रम ठाकुर को डिफॉल्ट बेल मिल गयी। मरांडी ने कहा कि दिखावे के लिए एसीबी जिस तत्परता से गिरफ्तार करती है, उसी तत्परता से 90 दिनों में चार्जशीट दाखिल नहीं करती। ये जानबूझकर ऐसा करती है। मरांडी ने कहा कि दूसरी ओर ईडी जब अपराधियों पर कार्रवाई कर रही तो राज्य पुलिस ईडी के अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कर रही। विगत वर्षों में हुए जलापूर्ति घोटाले में संतोष कुमार हाजिर नहीं हो रहा था। कई बार ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया था। पिछले सोमवार को अचानक संतोष कुमार ईडी के सामने प्रकट होते हैं। पूछताछ में जब अपने पहले वाले जवाब के उल्टा बोलते हैं तो ईडी ने उनकी पत्नी से भी पूछने की बात कही, इतने पर से अपना सिर दीवार पर पटकते हैं, चोट आती है, उसकी चिकित्सा कराई गई। वे सामान्य स्थिति में घर लौटते हैं। मंगलवार को संतोष कुमार ने एयरपोर्ट थाना में ईडी पर मुकदमा दर्ज करा दिया, फिर गुरुवार सुबह-सुबह झारखंड पुलिस ईडी कार्यालय पहुंच गई। उन्होंने कहा कि ये क्या हो रहा, ऐसा लग रहा इसीलिए नए डीजीपी को बनाया गया है, ताकि घोटालेबाजों को बचाया जाए। यही एसीबी है, जो तत्परता से गिरफ्तार करती है और रात को टेंपो से फाइल ढोती है, ताकि घोटालेबाजों को बचाया जाए। राज्य में अराजकता, लूट, भ्रष्टाचार की भयावह स्थिति है। यहां कोई सुरक्षित नहीं। भाजपा ऐसा नहीं चलने देगी। झारखंड की सुरक्षा के लिए जगाना होगा। उन्होंने राज्य के उच्च न्यायालय से अनुरोध किया कि इन बातों पर स्वतः संज्ञान लेकर जांच की जाए। ऐसे मामलों की सीबीआई जांच हो। अपहृत बच्चों की बरामदगी पर भी पुलिस पर साधा निशाना मरांडी ने धुर्वा से अपहृत बच्चों की बरामदगी पर कहा कि झारखंड पुलिस अपनी पीठ थपथपा रही, हटिया डीएसपी पटाखे फोड़ रहे। डीजीपी ने तो कानून की मर्यादा ही तोड़ दी। बच्चों को सीडब्लूसी न भेजकर सीधे गोद में बिठाकर प्रेसवार्ता कर रही। 2 जनवरी से 8 जनवरी तक लापता बच्चे धुर्वा, हटिया में थे, लेकिन पुलिस का खुफिया तंत्र विफल रहा। अंत में मीडिया और राजनीतिक दबाव में बातें फैलीं। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी प्रयास किया, जिसका परिणाम है कि बच्चे सकुशल वापस आ गए। घोषित इमाम की राशि सामाजिक कार्यकर्ता सचिन प्रजापति, डब्लू साहू, सन्नी को मिलनी चाहिए। राज्य सरकार द्वारा उन्हें सम्मानित किया जाए। उन्होंने आशंका व्यक्त की, कि पुलिस अधिकारी अपनी प्रशंसा में और रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए इनाम को अपने खाते में डालेंगे। अगर ऐसा हुआ तो भाजपा विरोध करेगी। प्रेसवार्ता में मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, प्रवक्ता अजय साह, विजय चौरसिया भी उपस्थित थे।

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