पहाड़ी मंदिर के ऑडिट में कई वित्तीय लेनदेन के स्पष्ट दस्तावेज नहीं
रांची, वरीय संवाददाता। वर्तमान की पहाड़ी मंदिर विकास समिति ने कहा कि हाल ही में उपलब्ध ऑडिट रिपोर्ट में कई ऐसे वित्तीय लेनदेन सामने आए हैं, जिनका कोई स्पष्ट हिसाब, व्यय रसीद अथवा वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। समिति ने स्पष्ट किया कि इन लेनदेन से संबंधित जानकारी वर्तमान पहाड़ी मंदिर विकास समिति के पास उपलब्ध नहीं है।

रांची, वरीय संवाददाता। वर्तमान की पहाड़ी मंदिर विकास समिति ने कहा कि हाल ही में उपलब्ध ऑडिट रिपोर्ट में कई ऐसे वित्तीय लेनदेन सामने आए हैं, जिनका कोई स्पष्ट हिसाब, व्यय रसीद अथवा वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। ऑडिट रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख है कि कई लेनदेन ऐसे हैं, जिनके उद्देश्य एवं प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं हो सकी है। समिति ने स्पष्ट किया कि इन लेनदेन से संबंधित जानकारी वर्तमान पहाड़ी मंदिर विकास समिति के पास उपलब्ध नहीं है। ऐसा इसलिए कि ये सभी ट्रांजैक्शन उस अवधि के हैं, जब मंदिर का नियंत्रण एवं संचालन झारखंड राज्य हिन्दू धार्मिक न्यास बोर्ड की पूर्व में गठित समिति के पास था। समिति ने इस मामले को लेकर प्रेसवार्ता में ये बातें कहीं। इसमें राजेश गाड़ोदिया, सौरभ चौधरी आदि मौजूद थे。
वित्तीय अनियमितता का मामला
समिति ने कहा कि ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, कई राशि लोन और एडवांस के रूप में दिखाई गई है। लेकिन संबंधित पक्षों का पूरा विवरण, खर्च का आधार एवं दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया। यह अत्यंत गंभीर वित्तीय अनियमितता का विषय है। आडिट रिपोर्ट में आशीष कुमार एक लाख, नेहा साहू 1.80 लाख, रिंकू देवी 1.5 लाख, अक्षय कुमार, 50 हजार, राकेश सिन्हा, 1.90 लाख, झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास पर्षद चार लाख के लेनदेन सामने हैं। लेकिन अन्य कई लेन देने जिनके समर्थन में कोई स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया है।
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